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एक नाव पर क्यों नहीं सवार हो रहे हैं यूपी के छोटे दल….कोई नहीं दे रहा गठबंधन के संकेत

संवाददाता

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले फिलहाल कोई तीसरा फ्रंट बनता नहीं दिख रहा है. अबकी बार छोटे दल अपनी-अपनी पतवार संभाले हुए हैं और अकेले ही नाव पार लगाने की कोशिश करते हुए दिख रहे हैं. चाहे उसमें चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी हो या फिर स्वामी प्रसाद मौर्य की अपनी जनता पार्टी. राजा भैया की पार्टी भी किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं है.

अभी तक न तो AIMIM और न ही पल्लवी पटेल की अपना दल (कमेरावादी) ने किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया है. बिहार की पार्टियां चाहे JDU हो या फिर LJP (रामविलास)… यह भी अकेले ही मैदान में उतरने की तैयारी कर रही हैं… मुकेश साहनी की VIP तो कई महीनों से अकेले ही ताल ठोंक रहे हैं.

चंद्रशेखर आजाद ने शुरू की चुनावी तैयारी

नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी काफी पहले शुरू कर चुके हैं. जून में पार्टी की ओर से प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया शुरू की गई थी. इसके बाद जुलाई में आजाद समाज पार्टी ने 45 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम भी घोषित किए थे. चंद्रशेखर आजाद ने अलग-अलग जिलों में संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाई हैं. उनकी पार्टी लगातार चुनावी तैयारियों को लेकर कार्यक्रम कर रही है. अभी तक चंद्रशेखर ने किसी भी दल के गठबंधन नहीं किया है.

स्वामी प्रसाद मौर्य भी अभी अकेले

स्वामी प्रसाद मौर्य भी इन दिनों यूपी का दौरा कर रहे हैं. स्वामी प्रसाद मौर्य पहले राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के जरिए सक्रिय थे. 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी के नाम से चुनावी गतिविधियां की थीं. फिर उन्होंने अपनी जनता पार्टी के नाम से संगठन आगे बढ़ाया. उनकी भी पार्टी अभी किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं है. हालांकि, अब उनकी बातचीत चंद्रशेखर आजाद और असदुद्दीन ओवैसी के साथ होने की खबर सामने आई है.. फिलहाल अभी स्वामी प्रसाद मौर्य अकेले ही ताल ठोंक रहे हैं और कई सीटों पर अपना प्रत्याशी उतार सकते हैं.

AIMIM की भी अलग तैयारी

असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM भी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ा रही है. पार्टी लंबे समय से राज्य में चुनाव लड़ती रही है और 2027 को लेकर भी संगठन विस्तार पर काम कर रही है. शुरुआत में खबर आई थी कि AIMIM, आजाद समाज पार्टी और अपनी जनता पार्टी के बीच साझा राजनीतिक मंच बनाने को लेकर बातचीत चल रही है. हालांकि, इस पर मुहर नहीं लगा. कानपुर में रैली के दौरान ओवैसी ने सपा-कांग्रेस को 2 अक्टूबर तक का वक्त दिया है. इसके बाद वह ऐलान करेंगे. फिलहाल वह अकेले ही मैदान में है और किसी भी पार्टी ने उनसे गठबंधन को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई है.

पल्लवी पटेल की अपनी तैयारी

सिराथू से विधायक पल्लवी पटेल की अपना दल (कमेरावादी) भी 2027 की तैयारी में सक्रिय है. पार्टी ने वाराणसी समेत अलग-अलग क्षेत्रों में संगठनात्मक कार्यक्रम शुरू किए हैं. 19 सितंबर को वाराणसी में पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में पल्लवी पटेल ने शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय के मुद्दों को लेकर चुनाव में जाने की बात कही. 2022 के विधानसभा चुनाव में पल्लवी पटेल ने सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन 2024 तक दोनों के रिश्तों में खटास आ गई. अभी पल्लवी पटेल, सपा की विधायक हैं… लेकिन इस बार का चुनाव वह सपा के साथ लड़ेंगी या नहीं… यह साफ न है.

राजा भैया की पार्टी अकेले लड़ने का ऐलान कर चुकी है

राजा भैया की जनसत्ता दल लोकतांत्रिक की स्थिति इससे अलग है. पार्टी की वार्षिक बैठक में राजा भैया ने 2027 का विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि पार्टी अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी और किसी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी. 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने अकेले चुनाव लड़ा था और दो सीटों पर चुनाव जीता था.

बिहार के दल भी यूपी में जमीन तलाश रहे

उत्तर प्रदेश के चुनाव में बिहार की पार्टियों की सक्रियता भी बढ़ी है. जनता दल यूनाइटेड ने जुलाई में लखनऊ में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक कर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की थी. पार्टी ने मंडल, जिला और विधानसभा स्तर पर सम्मेलन आयोजित करने और संगठन विस्तार की योजना बनाई है. नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार जल्द ही वाराणसी में चुनावी रैली कर सकते हैं. जेडीयू यह चुनाव अकेले ही लड़ेगी.

वहीं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी यूपी में अपनी तैयारी तेज कर दी है. पार्टी ने 101 विधानसभा सीटों को विशेष रूप से चिह्नित कर वहां चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति की है. प्रदेश अध्यक्ष राजीव पासी के मुताबिक पार्टी फिलहाल सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के साथ समझौता नहीं होने पर पार्टी अकेले मैदान में उतरेगी. चिराग पासवान 27 सितंबर को प्रयागराज में युवा संवाद और जनसभा करने वाले हैं. इसके बाद वाराणसी, गोरखपुर और लखनऊ में भी कार्यक्रम प्रस्तावित हैं.

मुकेश सहनी की VIP भी यूपी में सक्रिय

बिहार की विकासशील इंसान पार्टी यानी VIP के प्रमुख मुकेश सहनी भी यूपी चुनाव में उतरने का ऐलान कर चुके हैं. अप्रैल में लखनऊ पहुंचकर सहनी ने उत्तर प्रदेश में पार्टी की चुनावी भागीदारी की घोषणा की थी. उन्होंने निषाद आरक्षण को बड़ा मुद्दा बनाया और संगठन विस्तार के लिए 101 दिन की यात्रा शुरू करने की बात कही थी. VIP इससे पहले 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में भी मैदान में उतरी थी. अब पार्टी ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में संगठन खड़ा करने और चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू की है. इस बार उनका गठबंधन किसी भी पार्टी के साथ नहीं है.

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