
नई दिल्ली । कॉकरोच जनता पार्टी के को-फाउंडर सौरव दास ने बुधवार को दिल्ली पुलिस से विरोध प्रदर्शन की अनुमति मांगी है. दास ने 10 अक्टूबर से आंदोलन के शुरू होने की बात कही है. प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और भारत निर्वाचन आयोग में सुधार की मांग को लेकर किया जा रहा है.
- —मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें.
- — एसआईआर पर रोक लगाई जाए. आने वाले चुनाव पर रोक लगे. पहले वाली वोटर लिस्ट बहाल हो.
- — चुनाव आयोग में नियुक्तियों से जुड़े 2023 के कानून को रद्द किया जाए और एक स्वतंत्र व विश्वसनीय चयन प्रक्रिया बनाई जाए.
सीजेपी नेता सौरभ दास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 10 अक्टूबर से होने वाले जा रहे प्रोटेस्ट में उन्हें बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है और उन्होंने दिल्ली पुलिस को इसकी जानकारी दे दी है. सौरभा ने प्रेशर ग्रुप के “दिल्ली चलो” आह्वान को दोहराया. मीडिया से बात करते हुए दास ने कहा, “हम पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे और उन्हें एक औपचारिक पत्र सौंपा. हमने उन्हें बताया कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ और देश भर के युवा – यानी ये सभी ‘कॉकरोच’ – 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर इकट्ठा होने वाले हैं. हमने उनसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सहयोग करने और जरूरी ट्रैफिक इंतजाम करने को कहा. हमने यह औपचारिक सूचना दे दी है.”
उन्होंने कहा, “हमने औपचारिक सूचना दे दी है और दिल्ली पुलिस से इसकी पावती भी मिल गई है. हमारी बातचीत के आधार पर, उन्होंने हमसे एक अंडरटेकिंग भी ली और हमने इसके लिए सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं. हमें उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस सहयोग करेगी.”
सीजेपी नेता सौरभ दास ने कहा, “अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा भी दे दें, तब भी हम झुकेंगे नहीं. हम चुनाव आयोग में सही सुधार चाहते हैं. वरना चुनाव आयोग कभी निष्पक्ष नहीं होगा. हमें यह पक्का करना होगा कि कुमार इस्तीफा दें और उन्हें गिरफ्तार किया जाए. हम सिस्टम में सुधार चाहते हैं, एसआईआर को रोकना चाहते हैं और एसआईआर के दौरान लिए गए गैर-कानूनी फैसलों की जांच चाहते हैं. सरकार को यह पक्का करना चाहिए कि कुमार जैसे लोग ऐसे पदों पर न बैठें. वरना हम वापस नहीं आएंगे. मैं चाहता हूं कि सब लोग आएं. अपना सामान बांध लें. यह एक लंबी लड़ाई होगी.”
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की प्रेसिडेंट नेहा बोरा ने कहा कि अब भारतीय जनता पार्टी का साथ छोड़ने का समय आ गया है. उन्होंने पार्टी पर एसआईआर मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है.
नेहा ने कहा, “हम सब एक तरफ हैं – छात्र संगठन, इंडिया ब्लॉक और अन्य. जबकि दूसरी तरफ चुनाव आयोग और भाजपा है. वे पुलिस की मदद ले रहे हैं. हम सभी राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और समूहों तक पहुंचना चाहते हैं क्योंकि हम जानते हैं कि आम लोगों के साथ से हमारी लड़ाई मजबूत होगी. 10 अक्टूबर को, अलग-अलग संगठनों से जुड़े हम सभी लोग विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे. पिछली बार जब हम सब एक साथ आए थे, तो कैबिनेट मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था. हम इस आंदोलन के लिए वैसी ही एकता और संघर्ष दिखाएंगे.”
उन्होंने आगे कहा, “अगर भाजपा छोड़ने का कोई सही समय है, तो वह अभी है. अगर आप इतिहास के सही पक्ष के साथ खड़े होना चाहते हैं, तो भाजपा छोड़ दें. धर्मेंद्र प्रधान और ज्ञानेश कुमार से सीख लें. भाजपा का साथ छोड़ दें.”



