
गाजियाबाद। लिंकरोड थाना पुलिस द्वारा 80 लाख रुपये की हेराफेरी की आरोपित इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान समेत पांच सिपाहियों की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय मेरठ ने खारिज याचिका की। लक्ष्मी चौहान की याचिका पर 11 अक्टूबर को मामले की अगली सुनवाई होगी। दरोगा नवीन कुमार पचौरी ने याचिका नहीं डाली थी। बुधवार को पांचों पुलिसकर्मियों की याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
SSP ने कर दिया था सस्पेंड
इससे पहले सितंबर महीने में एसएसपी सुधीर कुमार ने लिंक रोड थाना प्रभारी लक्ष्मी सिंह चौहान, महाराजपुर पुलिस चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया था। इसके अलावा अलावा पांच अन्य पुलिसकर्मी निलंबित किए गए थे। पुलिस ने मामला दर्ज करके इस मामले में सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था।
ऐसे हुआ था मामले का खुलासा
जानकारी के मुताबिक, साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट- चार की सीएमएस कंपनी के कर्मचारी एटीएम में पैसे डालने गए थे। आरोप है कि कर्मचारियों ने करीब सवा करोड़ का गबन किया। कंपनी ने मामले की जानकारी पुलिस थाने में दी। तत्कालीन थाना प्रभारी लक्ष्मी सिंह चौहान मामले की जांच कर रहीं थी।
गबन मामले में बरामद की गई रकम से इन आरोपितों ने 80 लाख रुपये का गबन किया था और सरकारी कागजात पर कम रूपये दिखाए। आरोप है कि इन पुलिसकर्मियों ने लिखित में दिखाया कि आरोपित के पास से 45 लाख 81 हजार 500 रुपये बरामद किए गए हैं।
मामले का खुलासा तब हुआ जब इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपितों से पूछताछ की। पूछताछ में एक आरोपित ने बताया था कि उसके पास से 55 लाख रुपये बरामद हुए थे जबकि एक अन्य ने बताया कि उसके बाद से पुलिस ने 60-70 लाख रुपये बरामद किया था। जब मामले की जांच की गई तो पता चला की कुल 80 लाख रुपये का गबन किया गया है।



