
सुनील वर्मा
नई दिल्ली। अखिलेश यादव द्वारा मुकेश अंबानी के करीबी माने जाने वाले धनराज नथवानी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद एक तरफ जहाँ अखिलेश यादव के पीडीए की पोल खुल गई हैं तो वही दूसरी तरफ समाजवाद का असली चेहरा भी उजागर हो गया है। राजनीतिक गलियारों में ये भी चर्चा है कि धनराज नथवानी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाएँ जाने के पीछे एक सोची समझी रणनीति है। सवाल यह भी उठ रहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अब अंबानी जैसे उद्योगपतियों और धन्नासेठो पर अपना हमला कैसे जारी रखेंगे जब इंडिया ब्लॉक के उनके प्रमुख साथी अखिलेश यादव ने अंबानी के ही एक करीबी को राज्यसभा भेजने की तैयारी कर ली है।

राजनीतिक क्षेत्रो में जबरदस्त चर्चा
सोशल मीडिया पर कटाक्ष करने वाले राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा धनराज नथवानी को राज्यसभा उम्मीदवार उठाए गए इस कदम से विपक्षी दलों के रुख पर सवालिया निशान लगते हैं, जो अक्सर देश के बड़े उद्योगपतियों की आलोचना करते रहे हैं।
आलोचकों का मानना है कि एक तरफ जहां इंडिया गठबंधन के नेता उद्योगपतियों को लेकर तीखे बयान देते हैं, वहीं दूसरी तरफ गठबंधन के साझीदार द्वारा इस तरह के कदम उठाने से वैचारिक विरोधाभास सामने आता है।
कुछ विश्लेषकों का यह भी तर्क है कि चुनावी राजनीति और समीकरणों के तहत दल कई बार ऐसे निर्णय लेते हैं, जो उनके मुख्य वैचारिक बयानों से अलग दिखाई देते हैं, लेकिन इससे पार्टियों की कथनी और करनी पर जनता के बीच बहस छिड़ जाती है।
सवाल ये भी उठ रहे है की क्या विपक्षी गठबंधन की अगुआ कांग्रेस के नेता राहुल गाँधी की उद्योगपतियों और अंबानी पर हमलों की धार कुंद पड़ेगी। ऐसा लगता है सोची समझी रणनीति के तहत अंबानी ग्रुप ने ही राहुल गाँधी पर दबाव डालने के लिए बातचीत की एक विंडो खोलने के लिए धनराज नथवानी को सपा का राज्यसभा उम्मीदवार बनवाया है। ये बात किसी से छिपी नहीं है की मरहूम सपा नेता अमर सिंह के समय से ही मुलायम सिंह यादव परिवार के अंबानी परिवार समेत दूसरे उद्योगपतियों से करीबी रिश्ते रहे हैं। ऐसे में सवाल है की क्या भविष्य में अखिलेश यादव कांग्रेस और अंबानी के बीच सेतु बनाने का काम करेंगे।
धनराज का अंबानी परिवार से रिश्ता
बता दें कि धनराज परिमल नथवानी का अंबानी परिवार से लगभग तीन दशक पुराना और बेहद करीबी पारिवारिक व व्यावसायिक रिश्ता है।
धनराज नथवानी वर्तमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) में ग्रुप प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत हैं। उनके पिता, परिमल नथवानी (जो झारखंड से एनडीए की मदद से चार बार के राज्यसभा सांसद हैं), धीरूभाई अंबानी के समय से ही रिलायंस समूह और अंबानी परिवार के बेहद करीबी रहे हैं।
धनराज के संबंध मुकेश अंबानी के बच्चों—आकाश, ईशा और अनंत—के साथ बचपन से हैं। कंपनी के भीतर उनके भरोसे का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि साल 2023 में आकाश और श्लोका अंबानी के घर बेटी के जन्म की खबर सबसे पहले सार्वजनिक रूप से धनराज ने ही दी थी।
धनराज नथवानी के करियर की शुरुआत
परिमल नथवानी के बेटे धनराज नथवानी परिवार की दूसरी पीढ़ी का प्रमुख चेहरा हैं. उन्होंने लंदन के रीजेंट बिजनेस स्कूल से इंटरनेशनल बिजनेस की पढ़ाई की और बाद में कॉर्पोरेट लॉ तथा पब्लिक रिलेशन्स मैनेजमेंट में MBA किया. धनराज ने 2010 से अलग-अलग क्षमताओं में रिलायंस के साथ काम किया है.
वो रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट और रिलायंस ग्रुप सपोर्ट सर्विसेज में डायरेक्टर रह चुके हैं. उनके यूपीएससी में फाइनेंस, प्रोक्योरमेंट, एचआर, कॉर्पोरेट अफेयर्स और सिक्योरिटी से जुड़े क्षेत्र शामिल रहे हैं. अभी वो रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड के डायरेक्टर हैं. अपने करियर के साथ धनराज ने खेल प्रशासन में भी अपनी पहचान बनाई. वो गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (GCA) के अध्यक्ष हैं.
धनराज ने GCA की कमान भी संभाली
गुजरात क्रिकेट के आधिकारिक इतिहास के अनुसार, नरेंद्र मोदी स्टेडियम के विकास के दौर में अमित शाह अध्यक्ष, परिमल नथवानी उपाध्यक्ष और जय शाह संयुक्त सचिव की भूमिका में थे. बाद में धनराज नथवानी ने GCA की कमान संभाली. क्रिकेट के अलावा वो गुजरात स्टेट फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं. धनराज का कार्यकर्ता द्वारका की सामाजिक और धार्मिक साक्षरता से भी रहा है. वो द्वारका देवस्थान समिति के उपाध्यक्ष और श्री शारदापीठ विद्या सभा के ट्रस्टी जैसे पदों पर रहे हैं.



