
संवाददाता
गाजियाबाद। भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश के संरक्षण में ‘सेवा परमो धर्म:’ में अहम योगदान के लिए गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार एवं समाज चिंतक जितेन्द्र बच्चन को भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग बिलासपुर के सभागार में ‘हिमाचली टोपी’ से अलंकृत किया गया। बिलासपुर के उपायुक्त आईएएस राहुल कुमार ने हिमाचल प्रदेश की यह सांस्कृतिक पहचान, मान-सम्मान और गौरव का प्रतीक कर्नल जसवंत सिंह चंदेल व जिला भाषा अधिकारी श्रीमती नीलम चंदेल की मौजूदगी में प्रदान किया।
उपायुक्त राहुल कुमार समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया के 9वें राष्ट्र गौरव सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। उन्होंने कहा, ‘सेवा परमो धर्मः’ भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र है, जो हमें निस्वार्थ भाव से समाज एवं राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरित करता है। और जितेन्द्र बच्चन पत्रकारिता व समाजसेवा के माध्यम से इसे कार्य को बाखूबी निभा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश आज उन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान, मान-सम्मान व ‘गौरव प्रतीक’ से अलंकृत कर गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
डॉ. जितेन्द्र बच्चन ने इस सम्मान के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार और बिलासपुर के उपायुक्त राहुल कुमार, कर्नल जसवंत सिंह और जिला भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग अधिकारी (डीएलओ) श्रीमती नीलम चंदेल के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित ‘राष्ट्र गौरव’ सम्मान समारोह को सेवा, समर्पण एवं राष्ट्र निर्माण की उस महान परंपरा को सुदृढ़ करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया, जो जनसेवा को सर्वोच्च धर्म मानता है। डॉ बच्चन ने कहा, “हिमाचली टोपी केवल मान-सम्मान का एक प्रतीक नहीं, बल्कि यह जनकल्याण, प्रेरणा और समर्पण की जीवंत भावना का प्रतीक है। जय हिन्द, जय भारत!”
डॉ. बच्चन ने यह भी कहा कि समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसकेएफआई) का ‘विकसित समाज सशक्त भारत’ अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग को सेवा के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है तथा भविष्य में राष्ट्रहित में कार्य करने की चेतना को और अधिक सशक्त बनाएगा।इसी संकल्प के साथ सेवा, संस्कार और समर्पण के पथ पर एसकेएफआई निरंतर आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उपायुक्त राहुल कुमार ने 32 विभूतियों को ‘राष्ट्र गौरव’ पुरस्कार और 9 प्रतिभाओं को अलग-अलग क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्य के लिए उन्हें राष्ट्रीय प्रतिभा अवार्ड से भी सम्मानित किया है। इस अवसर पर डॉ. अभिजीत कुमार, डॉ. राम स्वरूप भटनागर, डॉ. विद्या भूषण श्रीवास्तव, ललिता कश्यप, सुभाष गुप्ता, नीरज शर्मा, रविन्द्र कुमार शर्मा, विकास कुमार, मंजू कश्यप, हेमेन्द्र कुमार के अलावा शिक्षा, साहित्य, समाजसेवा, कला-संस्कृति, सेना, पुलिस और पत्रकारिता से जुड़े कई गणमान्य उपस्थित रहे।



