
संवाददाता
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी अब बिहार की तर्ज पर यूपी में भी संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान के जरिए अपनी जमीन मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है. पार्टी के यूपी प्रभारी और बिहार की जमुई लोकसभा सीट से सांसद अरुण भारती ने कहा कि सितंबर 2026 से जनवरी 2027 तक प्रदेश में कई बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इनमें नव संकल्प महासभा, दलित चौपाल और चाणक्य चौपाल प्रमुख होंगे.
पार्टी पंडित-पासी-पासवान के नारे के साथ सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश करेगी. अरुण भारती के मुताबिक, सितंबर से यूपी में बड़ी जनसभाओं का सिलसिला शुरू होगा और इसकी शुरुआत प्रयागराज से होगी. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान प्रयागराज में जनसभा कर चुनावी अभियान का आगाज करेंगे. पार्टी बेरोजगार युवाओं और जेन-जी से जुड़े मुद्दों को भी अपने कार्यक्रमों में प्रमुखता से उठाएगी.
बिहार चुनाव के तर्ज पर विजन डॉक्यूमेंट
पार्टी यूपी विधानसभा चुनाव के लिए बिहार की तर्ज पर विजन डॉक्यूमेंट भी तैयार करेगी. इसमें सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और चिकित्सा जैसे बुनियादी मुद्दों को शामिल किया जाएगा. इन्हीं जनहित के मुद्दों को लेकर पार्टी जनता के बीच जाने की रणनीति बना रही है. वहीं, अखिलेश यादव के पीडीए में पी को पंडित बताए जाने पर भी अरुण भारती ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के पंडित-पासी-पासवान नारे के बाद ही सपा ने पंडित समाज को लेकर सक्रियता दिखाई.
उन्होंने कहा कि एलजेपी रामविलास पंडित समाज को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के साथ दलित, पासी और ब्राह्मण समाज को भी टिकट में निश्चित प्रतिनिधित्व देने की दिशा में काम करेगी.
उत्तर प्रदेश में जेनजी की साधने के लिए सभी बड़े राजनीतिक दलों की सक्रियता के बाद एलजेपी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान भी सक्रिय हो गए हैं. उन्होंने विधानसभा चुनावों के पहले यूपी के जेनजी और नए सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए पीथ्री फार्मूला पेश किया है. एलजेपी (रामविलास) के नेताओं के मुताबिक पार्टी पीथ्री फार्मूला यानी पंडित, पासी और पासवान का नया गठबंधन यूपी में बनाएगी. इस पी थ्री फार्मूले के तहत पार्टी यूपी में ‘युवाओं के अधिकार’ और ‘इस बार जेनजी की सरकार’ के नारे के साथ चाणक्य चौपालों का आयोजन शुरू कर अपनी ताकत का अहसास करेगी.नेताओं का दावा है कि एलजेपी (रामविलास) का पीथ्री फार्मूला समाजवादी पार्टी (सपा) के पीडीए को चुनौती देगा.
अरुण भारती ने कहा कि यदि पीड़ित परिवार न्याय की लड़ाई से संतुष्ट नहीं होता है तो उनकी पार्टी इस मामले को आगे तक उठाएगी. ऐसे में यूपी विधानसभा चुनाव से पहले एलजेपी रामविलास अब संगठन विस्तार, सामाजिक समीकरण और स्थानीय मुद्दों के जरिए प्रदेश की राजनीति में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश में जुट गई है.



