
संवाददाता
गाजियाबाद । सपा प्रमुख अखिलेश यादव के जयंत चौधरी को लेकर दिए गए बयान पर यूपी की सियासत में शुरू हुआ विवाद अब पोस्टर वार तक पहुंच गया है। गाजियाबाद में बुधवार सुबह अलग-अलग जगहों पर अखिलेश यादव के पोस्टर लगे मिले। पोस्टरों में अखिलेश की फोटो के साथ लिखा है- ‘सबको गाली, सबका अपमान, समाजवादी पार्टी की पहचान।’
पोस्टरों में अखिलेश यादव की हंसते हुए और हाथ दिखाते हुए तस्वीर बनी हुई है। इसमें अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी से जुड़े चार पुराने विवादों का भी जिक्र किया गया है। इनमें जयंत चौधरी का ‘चवन्नी’ वाला बयान, अखिलेश यादव का ‘चवन्नी का रुपया बना दिया’ वाला बयान, सपा विधायक अबरार अहमद की ब्राह्मण-क्षत्रिय को लेकर कथित टिप्पणी और सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी की ब्राह्मणों को लेकर की गई टिप्पणी शामिल है।
पोस्टर में जयंत चौधरी और अखिलेश के चार बयानों का जिक्र
पहला बयान जयंत चौधरी का फरवरी 2022 का बयान
2022 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल का सपा के साथ गठबंधन था। जयंत चौधरी ने कहा था – “मैं कोई चवन्नी नहीं हूं जो पलट जाऊंगा”। यह बयान फरवरी 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान दिया था। उस समय लोकदल की भाजपा के साथ गठबंधन की चर्चाएं चल रही थी।
तब जयंत चौधरी ने भाजपा के प्रस्तावों या अटकलों को खारिज करते हुए कहा था कि वे “चवन्नी” नहीं हैं जो आसानी से अपनी बात या पाला बदल लें।

दूसरा बयान
अखिलेश ने कहा हमने चवन्नी से रुपया कर दिया
17 अगस्त को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक कार्यक्रम में पुराने गठबंधन सहयोगियों पर बिना नाम लिए तंज कसा था। उन्होंने कहा था- ‘कुछ गठबंधन भी ऐसे किए हम लोगों ने, जाने कहां-कहां से आ गए थे गठबंधन वाले। हम लोगों ने चवन्नी का रुपया बना दिया, तब भी हमें छोड़कर चले गए।’
जयंत ने पूछा- मैं उन्हें इतना याद क्यों आ रहा हूं?
रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा था कि वो हमें इतना याद क्यों कर रहे हैं, यह सवाल उन्हीं से पूछा जाना चाहिए। अखिलेश अपनी बात कहें, तो अच्छा है। लेकिन, इस तरह के बयान उन लोगों को भी सोचने पर मजबूर करते हैं, जो आज उनके साथ खड़े हैं। उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र है और जनता सबको बनाती है।
तीसरा बयान सपा विधायक ने ब्राह्मणों और क्षत्रियों को बताया था चोर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के इसौली से सपा विधायक अबरार अहमद के ब्राह्मण और क्षत्रिय समुदाय को लेकर दिए बयान दिया था। सपा विधायक अबरार अहमद ने ब्राह्मणों और क्षत्रियों को चोर बताया था। उन्होंने कहा था कि ब्राह्मण-क्षत्रिय चोर हैं। हमारे (सपा के) असली वोटर मुसलमान हैं। हालांकि, अबरार के इस बयान के बाद उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। यह बयान सितंबर 2021 में दिया था।
चौथा बयान 5 मई को सपा प्रवक्ता ने दिया था बयान पोस्टर में 5 मई 2026 को दिल्ली के जवाहर भवन में हुए एक कार्यक्रम का भी जिक्र है। दावा किया गया है कि यहां सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने ब्राह्मणों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
मोदीनगर और हापुड़ रोड पर लगे पोस्टर
गाज़ियाबाद में मोदीनगर, हापुड़ रोड और अलग अलग स्थानों पर पोस्टर लगाए गए। यह पोस्टर रात में लगवाए गए हैं। जहां बुधवार सुबह इनकी तस्वीर सामने आईं। जहां पोस्टर पर साफ तौर पर लिखा हुआ है जयंत चौधरी चवन्नी थे इस बात का भी जिक्र किया गया है, इतना ही नहीं ब्राह्मण वैश्य की तरह होते हैं यह भी कहा गया है।
साथ ही स्वर्ण जाति के लिए भी अपशब्द कहे गए थे जिसको लेकर पोस्टर वार अब शुरू हो चुका है हालांकि अभी तक यह नहीं पता चल पाया है कि आखिरकार यह पोस्टर किसके द्वारा लगवाए गए हैं। पुलिस की मौजूदगी में इन पोस्टरों को हटवाया गया है। हालांकि यह नहीं कहा जा जा सकता है कि पोस्टर किसने लगवाए हैं।
सपा बोली- भाजपा की साजिश
पोस्टर सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी ने इसे भाजपा की साजिश बताया है। गाजियाबाद सपा जिलाध्यक्ष फैजल मलिक ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को करारा झटका लगने वाला है। उनके मुताबिक, सपा की बढ़ती ताकत से घबराकर पार्टी की छवि खराब करने के लिए इस तरह के पोस्टर लगाए गए हैं।
सपा युवक सभा के राष्ट्रीय महासचिव अमन यादव ने कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में PDA परिवार लगातार बढ़ रहा है। इसे देखकर भाजपा घबराई हुई है और इसी घबराहट में तरह-तरह के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता जागरूक है और 2027 में भाजपा की सरकार नहीं बनने वाली।
सपा के प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग ने कहा- “समाजवादी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता और जनता के बीच PDA परिवार का जिस तरह विस्तार हो रहा है,। उससे कुछ लोग घबराए हुए हैं। इसी हताशा में इस तरह के नीचतापूर्ण कृत्य किए जा रहे हैं। लेकिन जनता जागरूक है और सब समझती है। ऐसे कृत्यों से जनता भ्रमित होने वाली नहीं है।
जहां तक किसी को टारगेट करने की बात है, तो किसी को टारगेट नहीं किया गया है। समाजवादी पार्टी सभी वर्गों का सम्मान करती है और सभी को साथ लेकर चलती है। किसी को अपमानित करने या आपत्तिजनक बयान देने का कोई इरादा नहीं था।
जहां तक पोस्टर को लेकर कार्रवाई की बात है, हमारे जिलाध्यक्ष जी आने वाले हैं। उनसे और वरिष्ठ साथियों से विचार-विमर्श के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”



