
संवाददाता
नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली के सबसे पाॅश इलाकों में शुमार ग्रेटर कैलाश की एक भव्य कोठी इन दिनों देश के राजनीतिक और सोशल मीडिया गलियारों में चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बनी हुई है। वजह है काॅकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरभ दास का वह ठिकाना, जिसका सालाना किराया सुनकर ही आम आदमी के पसीने छूट जाएं। पढ़ाई कर रहे एक छात्र द्वारा सालाना 12 लाख (एक लाख प्रतिमाह) का किराया चुकाने की इस गुत्थी को सुलझाने के लिए अब दिल्ली पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय जांच एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं।
एक छात्र भारी-भरकम खर्च आखिर कैसे वहन कर रहा?
दरअसल, ग्रेटर कैलाश स्थित एक आलीशान कोठी, जिसके मालिक ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं। सौरभ दास ने इसे कई वर्ष पहले से किराये पर ले रखा है। हालांकि, हालिया आंदोलनों के बाद से वे खुद यहां नजर नहीं आ रहे हैं। कोठी की देखरेख और साफ-सफाई के लिए उन्होंने कई घरेलू सहायक और सहायिकाओं को तैनात कर रखा है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि एक सामान्य छात्र जीवन से बिल्कुल उलट, इस शाही ठाट-बाट ने हर किसी को हैरान कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि जो छात्र अभी अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा है और जिसे पारिवारिक स्तर पर भी कोई वित्तीय मदद नहीं मिल रही, वह इतना भारी-भरकम खर्च आखिर कैसे वहन कर रहा है?
यह मामला तब सामने आया जब पहले एक यूट्यूबर ने इस आलीशान कोठी के बाहर और अंदर की तस्वीरें तथा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। यूट्यूबर ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि एक छात्र के पास इतनी महंगी जगह का किराया देने का जरिया क्या है?
थाने में सौरभ ने दी लिखित शिकायत
इस वीडियो के वायरल होते ही सौरभ दास ने भी आक्रामक रुख अपनाया। बुधवार शाम उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर आरोप लगाया कि यूट्यूबर ने अवैध तरीके से उनके किराये के मकान में घुसकर वीडियो बनाया है। सौरभ ने इस संबंध में ग्रेटर कैलाश थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके बाद इसकी जानकारी दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार को भी दे दी गई।
आय के स्रोतों की गहराई से जांच शुरू
पुलिस का कहना है कि भले ही सौरभ दास ने निजता के हनन का मुद्दा उठाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई हो, लेकिन इसके बाद उनकी मुश्किलें कम होने के बजाय और बढ़ने वाली है। सीजेपी पर पहले से ही विदेशों से फंडिंग प्राप्त करने के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में एक छात्र नेता द्वारा 12 लाख का किराया और घरेलू स्टाफ का भारी-भरकम खर्च उठाने के बाद, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां सौरभ दास के आय के स्रोतों की गहराई से जांच में जुट गई हैं।
बढ़ सकती हैं कानूनी मुश्किलें
जांच एजेंसियों की नजर अब सौरभ दास के बैंक खातों, सीजेपी के वित्तीय लेन-देन और संभावित विदेशी स्रोतों पर टिक गई है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में सौरभ दास और काॅकरोच जनता पार्टी के अन्य शीर्ष नेताओं की परेशानियां काफी बढ़ सकती हैं। यदि आय के वैध स्रोतों का ब्यौरा नहीं दिया गया, तो यह मामला वित्तीय अनियमितताओं और अवैध विदेशी फंडिंग के तहत एक बड़े कानूनी शिकंजे का रूप ले सकता है।यह मामला तब सामने आया जब पहले एक यूट्यूबर ने इस आलीशान कोठी के बाहर और अंदर की तस्वीरें तथा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। यूट्यूबर ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि एक छात्र के पास इतनी महंगी जगह का किराया देने का जरिया क्या है?



