
संवाददाता
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 27 जून को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सेशेल्स के लिए रवाना हो गए। रवाना होने से पहले जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि यह दौरा भारत और सेशेल्स के बीच दशकों पुराने भरोसे, दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का अवसर होगा। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स में रहेंगे। वह सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। यह दौरा सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें इस खास मौके का हिस्सा बनने पर खुशी है और वह राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ व्यापक बातचीत को लेकर उत्साहित हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि सेशेल्स भारत का एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और भरोसेमंद साझेदार है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और लोगों के बीच गहरे रिश्तों पर आधारित हैं। उन्होंने याद दिलाया कि इस साल भारत और सेशेल्स अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 साल भी मना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह स्वर्ण जयंती केवल एक औपचारिक उपलब्धि नहीं, बल्कि दोनों देशों के मजबूत रिश्तों का प्रतीक है। उनका कहना था कि पिछले पांच दशकों में भारत और सेशेल्स ने हर चुनौती में एक-दूसरे का साथ दिया है और अब यह साझेदारी नए दौर में प्रवेश कर रही है।
अपने बयान में प्रधानमंत्री ने फरवरी 2026 में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की भारत यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस यात्रा से दोनों देशों के संबंधों को नई गति मिली थी और अब सेशेल्स यात्रा के दौरान होने वाली बातचीत से सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देश विकास, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर मिलकर आगे बढ़ेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि भारत का “विजन महासागर” और वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ साझेदारी का संकल्प सेशेल्स जैसे मित्र देशों के साथ और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र आज वैश्विक रणनीति का अहम केंद्र बन चुका है और ऐसे समय में भारत तथा सेशेल्स का सहयोग पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी यात्रा का उद्देश्य केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना नहीं है, बल्कि पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षित, शांतिपूर्ण और समृद्ध वातावरण बनाने की दिशा में साझा प्रयासों को गति देना भी है। उन्होंने कहा कि समुद्री सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास के मुद्दों पर दोनों देशों की सोच काफी हद तक एक जैसी है।
इस दौरे की एक और बड़ी खासियत यह होगी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स की राष्ट्रीय सभा को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे। अपने बयान में उन्होंने इसे ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं का सम्मान करने का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि संसद को संबोधित करने का यह अवसर भारत और सेशेल्स के बीच लोकतांत्रिक रिश्तों को और मजबूती देगा। साथ ही दोनों देशों के जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद और सहयोग को भी नई दिशा मिलेगी।
पीएम मोदी ने सेशेल्स में रहने वाले भारतीय समुदाय का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वहां का भारतीय समुदाय वर्षों से दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय मूल के लोग भारत और सेशेल्स के बीच एक जीवंत सेतु की तरह काम कर रहे हैं और उन्हें उनसे मुलाकात का इंतजार है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय समुदाय ने अपनी मेहनत, संस्कृति और योगदान से सेशेल्स के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यही वजह है कि दोनों देशों के लोगों के बीच आत्मीय संबंध लगातार मजबूत हुए हैं।
अपने बयान के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने भरोसा जताया कि यह यात्रा भारत और सेशेल्स के संबंधों में नया अध्याय जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि दोनों देश आने वाले समय में समुद्री सहयोग, विकास, सुरक्षा और आपसी विश्वास के आधार पर साझेदारी को और आगे बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय रिश्तों को गहरा करेगी, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और साझा समृद्धि के लक्ष्य को भी नई मजबूती देगी।



