
संवाददाता
लखनऊ । समाजवादी पार्टी के अंदर क्या सब कुछ ठीक चल रहा है। ये सवाल इसलिए उठ रहा है कि आज भी पारिवारिक तौर पर तस्वीरें साफ नहीं दिख रही है। अंदरखाने जरूर फिर एक बार ऐसी खबरें आ रही है कि चाचा शिवपाल यादव के साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव के रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे हैं। अगर जमीनी तौर पर देखा जाए तो चाचा शिवपाल यादव के बिना 2027 का विधानसभा चुनाव जीतना आसान नहीं होगा। क्योंकि शिवपाल यादव आज भी जमीनी तौर पर बहुत मजबूती के साथ खड़े हैं। अगर यही नाराजगी 2017 में नहीं होती तो फिर समाजवादी पार्टी 2017 में भी अपनी सरकार रिपीट करती।
ये ठीक है कि आज अखिलेश यादव भी लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं लेकिन अगर घर के बड़े को नाराज करके आप कोई चुनावी मैदान नहीं जीत सकते क्योंकि पहले घर से फिर पड़ोस से, फिर मोहल्ले से अगर आपको इज्जत मिलेगी अगर सम्मान मिलेगा तभी आपको बाहर वाले भी सम्मान देंगे। राज्यसभा चुनाव के नामांकन में चाचा शिवपाल यादव के साथ जो कुछ हुआ वो सभी के सामने है। जब शिवपाल यादव बैठने लगे तो उन्हें सपा प्रमुख ने कहा कि चाचा आप इधर आकर बैठ जाइए और उन्हें तीन लोगों के बाद स्थान मिला।
जाहिर है कि ये सब बातें भी वहां मौजूद लोगों ने देखी और बाद में चर्चा का विषय भी बनी। इतना ही नहीं चुनावी मौसम में इस तरह की रील भी आ रही है कि कुछ टोपी लगे मुस्लिम जब अखिलेश यादव का स्वागत कर रहे थे तब उन्होंने एक बुजुर्ग से कहा कि पीछे हट फोटो खीचेंगा। हालांकि मुस्लिम समाज का अखिलेश यादव बड़ा सम्मान करते हैं इसमें भी कोई दोराय नहीं। हालांंकि जो रीलें आती है उसका संदेश भी सही नहीं जाता। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां ने भी जेल से एक पत्र अखिलेश यादव को भेजा है जिसमें उन्होंने 15 सीटों पर उनकी मर्जी के उम्मीदवार उतारने की बात कही है।
इनमें अधिकतर सीटें वो है जिस पर मुस्लिम विधायक हैं। लेकिन सब आजम खान के जेल जाने के बाद उनसे दूर हो गये और अखिलेश यादव ने सभी को अपने पास बुला लिया और आश्वासन दिया कि टिकट उनको मिलेगा लेकिन आजम खान की चिट्ठी के बाद अब यहां नया अखाड़ा शुरू हो गया है।
जो लोग ये समझ रहे थे कि आजम खान जेल में है उनकी बहुत चलेगी तो केवल अपने जिले में चलेगी लेकिन चिट्ठी ने ये बता कि मुरादाबाद मंडल की सीटों के बाद बरेली मंडल की सीटों पर भी वही उम्मीदवार घोषित होंगे जिन्हें आजम खान चाहेंगे। अखिलेश यादव अब अपने चाचाओं को लेकर परेशान हैं। क्योंकि चाहे आजम अंकल हों या फिर शिवपाल चाचा हों अगर किसी को भाव नहीं दिया तो फिर य चाचा हवा का रूख बदल देंगे।



