
संवाददाता
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है. 10 जून को उन्होंने लगातार सबसे लंबे समय तक चुने हुए प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 4,399 दिन पूरे किए. इस खास मौके पर केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में विशेष प्रस्ताव पारित किया गया. इतना ही नहीं, कैबिनेट मंत्रियों ने खड़े होकर तालियां बजाईं और उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन दिया. बीजेपी और NDA नेताओं ने इसे नए भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है. राजनीतिक गलियारों में इस रिकॉर्ड को लेकर दिनभर चर्चा होती रही और सोशल मीडिया पर भी पीएम मोदी ट्रेंड करते रहे.

प्रधानमंत्री मोदी ने इस उपलब्धि पर अपनी प्रतिक्रिया बेहद सादगी भरे अंदाज में दी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संस्कृत का एक श्लोक साझा करते हुए लिखा कि ‘जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी परीक्षा है.’ उन्होंने कहा कि विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा ही जनता का विश्वास जीतने का रास्ता है. पीएम मोदी ने जो श्लोक साझा किया, उसमें बताया गया कि जो शासक हमेशा जनता के हित में काम करता है और विनम्र रहता है, वही सबसे बड़ी सफलता हासिल करता है. उनके इस संदेश को बीजेपी नेताओं ने ‘सेवा और समर्पण की राजनीति’ का प्रतीक बताया.
कैबिनेट बैठक में माहौल काफी उत्साहपूर्ण बताया गया. सूत्रों के अनुसार जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी बैठक में पहुंचे, मंत्रियों ने मेज थपथपाकर उनका स्वागत किया. इसके बाद एक प्रस्ताव लाया गया जिसमें मोदी के नेतृत्व, 12 वर्षों की सरकार और देश के विकास में उनके योगदान की सराहना की गई. प्रस्ताव पारित होने के बाद सभी मंत्रियों ने खड़े होकर तालियां बजाईं. कई मंत्रियों ने इसे भारतीय लोकतंत्र का ऐतिहासिक क्षण बताया. बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह उपलब्धि केवल एक राजनीतिक रिकॉर्ड नहीं बल्कि देश की जनता के भरोसे का प्रतीक है.
प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. इसके बाद 2019 और फिर 2024 में लगातार तीसरी बार उन्होंने सत्ता हासिल की. इस तरह वह लगातार तीन बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने वाले देश के चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोदी की लोकप्रियता, मजबूत संगठन और कल्याणकारी योजनाएं उनकी लगातार सफलता की बड़ी वजह रही हैं. पिछले 12 सालों में बीजेपी ने कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की और राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन गई.
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पीएम मोदी के इस रिकॉर्ड को स्वतंत्र भारत के बाद का ‘वाटरशेड मोमेंट’ बताया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश में आत्मविश्वास बढ़ाया और औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर निकलने का रास्ता दिखाया. वहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 4,399 दिनों की यह यात्रा ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत’ की दिशा में एक स्वर्णिम अध्याय है. कई केंद्रीय मंत्रियों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना कर प्रधानमंत्री की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना भी की.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रधानमंत्री मोदी को बधाइयां मिल रही हैं. मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि पीएम मोदी ने भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है. वहीं भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भी मोदी को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके दशकों लंबे जनसेवा और नेतृत्व का प्रमाण है. दुनियाभर के कई नेताओं और राजनयिकों ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें शुभकामनाएं भेजीं. इससे साफ है कि मोदी की राजनीतिक पहचान अब केवल भारत तक सीमित नहीं रही.
बीजेपी अब इस उपलब्धि को बड़े जनसंपर्क अभियान में बदलने की तैयारी कर रही है. पार्टी ’12 साल बेमिसाल’ अभियान के जरिए सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएगी. इसके तहत देशभर में कार्यक्रम, प्रदर्शनियां और जनसभाएं आयोजित की जाएंगी. बीजेपी नेताओं का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इंडिया, गरीब कल्याण, रक्षा और विदेश नीति जैसे क्षेत्रों में मोदी सरकार ने बड़े बदलाव किए हैं. पार्टी इसे ‘न्यू इंडिया मॉडल’ के तौर पर पेश करना चाहती है.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह रिकॉर्ड प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक विरासत को और मजबूत करेगा. लगातार सबसे लंबे समय तक चुने हुए प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड भारतीय राजनीति में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. हालांकि विपक्ष इसे केवल प्रचार बता रहा है, लेकिन बीजेपी इसे जनता के भरोसे और मजबूत नेतृत्व की जीत बता रही है. फिलहाल देश की राजनीति में यह रिकॉर्ड चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में बीजेपी इसे अपने राजनीतिक नैरेटिव का बड़ा हिस्सा बना सकती है.



