
संवाददाता
वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को हार मिली है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया है।
वहीं, मिशिगन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल सैयद ने जीत हासिल की। इसके साथ ही वह अमेरिकी इतिहास में सीनेटर चुने जाने वाले पहले मुस्लिम बन गए हैं।
ट्रम्प ने अब्दुल को खुले मंच से ‘जिहादी’ कहा था। 25 अक्टूबर को मिशिगन में एक चुनावी रैली के दौरान ट्रम्प ने कहा था,
“मैं यहां एक जिहादी और मुस्लिम ब्रदरहुड के सदस्य को अमेरिकी सीनेटर बनने से रोकने आया हूं।”
ट्रम्प ने अब्दुल पर आतंकियों का साथ देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अगर अल-सैयद सीनेटर बनते हैं, तो उन्हें संसद में जाने से पहले मेटल डिटेक्टर से गुजरना चाहिए। उन्होंने 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए अल-सैयद की तुलना विमान हाईजैक करने वाले आतंकियों से भी की।

हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स
हाउस में कुल 435 सीटें हैं और सभी सीटों पर चुनाव हुए हैं। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने 231 सीटें जबकि ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी ने 144 सीटें जीती हैं।
सीनेट
सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर चुनाव हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 33 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं।
इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने 20 और रिपब्लिकन पार्टी ने 13 सीटें जीती हैं। बाकी 2 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। इन नतीजों को मिलाकर डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 54 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 44 सीटें हैं।
गवर्नर
कुल 36 सीटों में से 31 राज्यों के नतीजे आ चुके हैं। 20 डेमोक्रेट्स और 11 रिपब्लिकन ने सीटें जीती हैं। 5 राज्यों में वोटों की गिनती जारी है।
चुनाव नतीजों के कई घंटे बाद मस्क ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,
“लगता है इस बार चुनाव में दखल देने वाली मेरी अंतरिक्ष की लेजर किरणें काम नहीं आईं।”
दरअसल, मस्क पर चुनाव में दखल देने और नतीजों को प्रभावित करने के आरोप लगते हैं। उनका यह तंज इसी बात को लेकर था।
दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों को जिताने के लिए जमकर पैसा खर्च किया था। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवारों और उसे जुड़े संगठनों पर कम से कम 3,380 करोड़ रुपए खर्च किए।
मस्क ने सबसे ज्यादा पैसा टेक्सास के सीनेट चुनाव में लगाया। यहां उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन के समर्थन में करीब 1500 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए। हालांकि, पैक्सटन को डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स तालारिको ने हरा दिया।
इस चुनाव में बने नए रिकॉर्ड
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में चार नेताओं ने इतिहास रच दिया है। अलग-अलग राज्यों में पहली बार इस तरह के उम्मीदवार चुनाव जीते हैं।
कीशा लांस बॉटम्स: जॉर्जिया में गवर्नर का चुनाव जीतकर वे अमेरिका की पहली अश्वेत महिला गवर्नर बनेंगी।
क्रिस पप्पास: न्यू हैम्पशायर से जीत के बाद वे अमेरिकी सीनेट में पहुंचने वाले पहले समलैंगिक पुरुष होंगे।
डेब हालैंड: न्यू मैक्सिको में गवर्नर का चुनाव जीतकर वे अमेरिका की पहली मूल अमेरिकी महिला गवर्नर बनी हैं।
मेन में 30 साल से सीनेटर रहीं सुसान कॉलिन्स हारीं
अमेरिका के मेन राज्य में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार ट्रॉय जैक्सन ने रिपब्लिकन सीनेटर सुसान कॉलिन्स को हरा दिया है। कॉलिन्स करीब 30 साल से इस सीट पर थीं और छठी बार चुनाव जीतने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने हार स्वीकार कर ली है।
रिपब्लिकन सीनेटर ने माना- ट्रम्प की वजह से हार हुई

रिपब्लिकन सीनेटर रॉन जॉनसन ने माना है कि ट्रम्प की वजह से उनकी पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने रेडियो 4 के ‘टुडे’ कार्यक्रम में कहा कि ईरान के साथ युद्ध और खासकर इसकी वजह से ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का असर लोगों पर पड़ रहा है। लोग इसे लेकर काफी परेशान हैं।
जॉनसन ने राष्ट्रपति पर तंज कसते हुए कहा, “ ट्रम्प ने वोटरों से कहा था कि वे ऐसे समझें जैसे चुनाव में उनका नाम भी उम्मीदवारों की सूची में है। लगता है लोगों ने उनकी बात मान ली और नतीजा सबके सामने है।”
टेक्सास में 1988 के बाद पहली बार डेमोक्रेट्स जीते

टेक्सास में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जेम्स तालारिको ने रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन को हरा दिया। पैक्सटन टेक्सास के अटॉर्नी जनरल रह चुके हैं और क
ईरान बोला- अमेरिकी जनता ने युद्ध के खिलाफ वोट दिया
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिकी चुनाव नतीजों पर कहा कि अमेरिकी जनता ने साफ संदेश दिया है कि वह युद्ध नहीं चाहती। लोगों ने अपनी अंतरात्मा की आवाज और रोजी-रोटी की चिंता को ध्यान में रखते हुए युद्ध के खिलाफ वोट दिया है। हम जनता के इस फैसले का समर्थन करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि अगर अमेरिकी सरकार दूसरे देशों के दबाव में आकर अपनी ही जनता की इच्छा के खिलाफ जाती है, तो उसे इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।



