latest-newsएनसीआरदिल्ली

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में आंदोलन: राहुल गांधी का दौरा रद्द, एनएसयूआई के दो छात्र फैजान और जीशान हिरासत में लिए गए

संवाददाता

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने जामिया के गेट नंबर 4 से दो छात्रों, फैजान और जीशान को हिरासत में लिया है और उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है। फैजान एनएसयूआई-जामिया के इकाई अध्यक्ष हैं, जबकि जीशान एनएसयूआई सोशल मीडिया के पूर्व राष्ट्रीय प्रमुख हैं। वहीं खबर है कि राहुल गांधी का जामिया में छात्रों से मिलने का दौरा रद्द हो गया है।

जामिया के अंदर चुनाव बहाली के लिए आंदोलन तेज

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव बहाली के लिए आंदोलन जारी है। जामिया कैंपस का बाहरी हिस्सा छावनी में तब्दील किया है। दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू की है। जिससे किसी भी प्रकार का गैर कानूनी जमावड़ा न लग सके। धारा 163 लागू होने के चलते ओखला हेड से लेकर वीसी आवास तक प्रस्तावित मार्च भी मंगलवार को नहीं हो सका। कुछ छात्रों को सुरक्षाकर्मियों ने हिरासत में भी लिया। वहीं जामिया प्रशासन ने बाहरी प्रवेश को रोकने के लिए दरवाजों की किलेबंदी कर दी है।

कैंपस के बाहर पुलिस का सख्त पहरा, धारा 163 लागू

पुलिस ने जामिया कैंपस के प्रवेश द्वार के बाहर बैरिकेडिंग और बीएनएसएस की धारा 163 के बैनर टांग रखे है। लाउडस्पीकर के जरिये बार-बार शांति बनाए रखने और पुलिस के निर्देश का अनुपालन की घोषणा की जा रही है। फुटपाथ के हिस्से से सटाकर पुलिस वाहन खड़े कर दिए हैं। जिससे छात्रों का जमघट न लगे और कैंपस में दाखिल न हो सके। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने गेट नंबर सात, आठ और दस को कब्जे में ले लिया है। हालांकि पुलिस ने छात्रों के ऐसे आरोप को खारिज कर दिया है। जामिया के मेट्रो स्टेशन से लेकर कैंपस के बाहरी हिस्से में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात है। जिसमें अर्धसैनिक बल की कई कंपनी तैनात है।

दरवाजे को लोहे की टिन शेड से पूरी तरह ढका

वहीं आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में आयोजित होने वाला प्रस्तावित मार्च बीएनएसएस की धारा 163 लागू होने के चलते नहीं हो सका। ओखला हेड पर सुरक्षा कर्मियों को तैनात कर दिया गया। जामिया कैंपस के अंदर अवैध प्रवेश को रोकने के लिए जामिया प्रशासन बाउंड्री वॉल से लेकर दरवाजों की किलेबंदी में जुटा है। मंगलवार को 4सी गेट के हिस्से को लोहे की टिन शेड से पूरी तरह ढक दिया गया है। साथ ही लोहे की ग्रिल को उखाड़कर कोई अंदर दाखिल न हो सकें उसके लिए ग्रिल के आसपास दीवार बना दी गई है। साथ ही बाउंड्री वॉल को भी ऊंचा किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों की संख्या को बढ़ाया जा रहा है।

इमारत पर कब्जे का दावा गलत

वहीं छात्रों ने जामिया प्रशासन के राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र विभागों की इमारतों पर कब्जा कर ताले लगाने के दावे को सिरे से खारिज कर दिया। छात्रों का कहना है कि उन्होंने विभाग की गलियारे में डेरा डाल रखा है। विभागों पर कोई कब्जा नहीं किया है। मंगलवार को भी छात्रों से बातचीत के लिए शिक्षकों की एक टीम आई थी। छात्र संघ चुनाव का कार्यक्रम जारी होने के बाद ही आंदोलन को खत्म करेंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com