
संवाददाता
नई दिल्ली । कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सौरव दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तारी के बाद तिहाड़ जेल में अलग-अलग रखा गया है. जानकारी के मुताबिक, सौरव दास को जेल नंबर 2 में रखा गया है जबकि आशुतोष रांका को जेल नंबर 4 में रखा गया है. दोनों को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया है.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर को सौरव दास , आशुतोष रांका, अजिंक्य शिंदे समेत पार्टी के कुल 14 सदस्य जंतर-मंतर पहुंचे थे. पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किए जाने के बाद ये लोग एक निजी परिसर से होकर वहां पहुंचे थे. खास बात तो ये है कि जंतर-मंतर को हाल ही में प्रदर्शन स्थल की सूची से डिनोटिफाई किया गया है. ऐसे में पुलिस ने इन लोगों को रोकने की कोशिश की लेकिन इन लोगों ने पुलिस के काम में बाधा उत्पन्न की. जिसके बाद पुलिस ने सभी 14 लोगों को हिरासत में लिया.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस मामले में दो अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं. पहली FIR नंबर 289/26, कनॉट प्लेस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223(a), 332 और 61(2) के तहत दर्ज की गई. वहीं, दूसरी FIR नंबर 128/26 संसद मार्ग थाने में BNS की धारा 221, 115(2), 132, 121(1) और 3(5) के तहत दर्ज की गई. दोनों FIR 13 अक्टूबर 2026 को दर्ज हुईं. पुलिस ने बताया कि सभी 14 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई. पुलिस के मुताबिक, बार-बार कानून का उल्लंघन करने और सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की गई. पुलिस का आरोप है कि ये लोग सोशल मीडिया के जरिए दूसरों को भी इस तरह की गतिविधियों के लिए उकसाने की कोशिश कर रहे थे. बुधवार को तीनों को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में पेश किया गया.
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई. सौरव दास, आशुतोष रांका को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया है. वहीं, अजिंक्य शिंदे को पांच हजार का बॉन्ड भरवाकर रिहा कर दिया गया. अजिंक्य शिंदे को छह महीने तक शांति बनाए रखने और अच्छा व्यवहार करने की शर्त पर रिहाई मिली है. जबकि सौरव दास और आशुतोष रांका को रिपीट ऑफेन्डर बताया गया. सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने बयान जारी किया है. दिल्ली पुलिस ने बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्य एक निजी जगह से होते हुए जंतर-मंतर पहुंचे थे. पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की. आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को उनकी ड्यूटी करने से रोका, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि को रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई है. बुधवार को राका और दास की जमानत याचिका पटियाला हाउस कोर्ट में दाखिल हुई जिसमें सीजेपी के सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे की ओर से पेश वकील अभिष्ट हेला ने कहा, “पुलिस के इस अंदाज़े के आधार पर कि वे कोई अपराध कर सकते हैं, उन्हें 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है… पुलिस ने कोर्ट में झूठ बोला कि उन्होंने लोगों को वहां आने के लिए कहा था। उन्होंने ऐसा कोई आह्वान नहीं किया था। उन्होंने बॉन्ड का उल्लंघन नहीं किया है… कनॉट प्लेस वाली अलग शिकायत का यहां गलत इस्तेमाल किया गया है, और उन्हें 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है…”



