
संवाददाता
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे लोकप्रिय नेता हैं और उनकी लोकप्रियता का असर एक बार फिर चुनावी नतीजों में साफ दिखाई दिया है। ‘मोदी लहर’ के चलते विपक्ष के कई राजनीतिक समीकरण पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं। 2026 के विधानसभा चुनावों के नतीजों ने देश के राजनीतिक मानचित्र को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। इस चुनावी सुनामी में सबसे बड़ा उलटफेर पश्चिम बंगाल में देखने को मिला, जहां ‘ममता राज’ की विदाई हो गई है और जनता ने परिवर्तन के संकल्प पर मुहर लगा दी है। वहीं, असम में बीजेपी ने अपने सुशासन के दम पर सत्ता कायम रखी है और पुडुचेरी में एनडीए ने शानदार वापसी कर अपनी जड़ें और मजबूत कर ली हैं। इन विधानसभा चुनावों के नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ‘मोदी लहर’ केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि अब इसने दक्षिण और पूर्व के अभेद्य किलों को भी पूरी तरह भेद दिया है। इसी विजय यात्रा का ताजा उदाहरण राजस्थान निकाय चुनावों में देखने को मिला है, जहां 4,170 से ज्यादा वार्डों में भाजपा ने जीत दर्ज की। इस तरह जनता ने कांग्रेस के ‘झूठ की गूंज’ पर जोरदार तमाचा जड़ दिया है।
झूठ की राजनीति परास्त, विकास की गारंटी पर मुहर
राजस्थान निकाय चुनावों के परिणाम केवल चुनावी बढ़त नहीं, बल्कि जनता द्वारा कांग्रेस की नकारात्मक और भ्रम फैलाने वाली राजनीति के मुंह पर लगाया गया कड़ा तमाचा है। मतदाताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि वे कोरे दावों और मनगढ़ंत नारों से नहीं, बल्कि धरातल पर दिखने वाले विकास और मजबूत नेतृत्व के साथ खड़े हैं। बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने पिछले कुछ समय में आधारभूत ढांचे के विस्तार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं और जन-कल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का जो काम किया, जनता ने उसी विकास मॉडल को यह बंपर जनादेश दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और बीजेपी सरकार के सुशासन पर शहरी जनता की यह दो-टूक मुहर आने वाले समय के लिए भाजपा के राजनीतिक वर्चस्व को और अधिक मजबूती प्रदान करती है।
राजस्थान निकाय चुनावों में 4,170 से ज्यादा वार्डों में BJP की ऐतिहासिक जीत
14 सितंबर 2026 को राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के घोषित नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड विजय हासिल करते हुए 4,170 से अधिक वार्डों और 10 में से अधिकांश नगर निगमों में जीत का परचम लहराया है। विधानसभा से लेकर सड़क तक केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ झूठ का जाल बुनने वाली कांग्रेस को शहरी मतदाताओं ने निर्णायक रूप से खारिज कर दिया है। राहुल गांधी और कांग्रेस द्वारा हाल ही में चलाए गए ‘छात्रों की गूंज’ जैसे कथित अभियानों की हवा निकालते हुए जनता ने स्पष्ट संकेत दिया कि नकारात्मक राजनीति के दिन अब लद चुके हैं। भाजपा ने जहां 4,179 वार्डों पर शानदार जीत दर्ज की, वहीं कांग्रेस महज 3,613 वार्डों पर जीत दर्ज कर पाई।



