
संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार को शुरू हुआ तो एजेंडे में प्रश्नकाल नहीं होने पर विपक्ष ने नाराजगी जताई. उसके बाद विपक्ष के आरोपों का मंत्री प्रवेश वर्मा और कपिल मिश्रा ने जवाब दिया. कपिल मिश्रा ने कहा कि पिछली आम आदमी पार्टी सरकार में प्रश्न कल हुआ ही नहीं करते थे. उन्होंने कहा कि मानसून सत्र का पहला दिन है लेकिन विपक्ष की गंभीरता नहीं दिखाई दे रही. पिछले 5 साल के कार्यकाल में आम आदमी पार्टी की सरकार में पांच प्रश्न काल भी नहीं हुए. विपक्ष ने अगर यह सवाल उठाया है तो उन्हें जवाब भी सुनना पड़ेगा. और सबसे बड़ी बात यह है की नेता विपक्ष सदन से गायब है जो कि यह साबित करता है कि आखिर विपक्ष कितना गंभीर है.
20 महीने की सरकार में अभी तक प्रश्नकाल नहीं

आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने कहा कि सरकार के 20 महीने हो गए, अभी तक प्रश्नकाल नहीं हुआ, सरकार आम जनता से जुड़े मुद्दों, सवालों से बचना चाहती है. मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि इससे पहले के सत्र में विपक्ष पूछता था, 2500 रुपये कब देंगे, यह पूछते थे. अब जब सरकार देने जा रही है, तो विपक्ष के पेट मे दर्द हो रहा है. पिछले 5 साल में 74 बार सीटिंग हुई, केवल 9 बार प्रश्नकाल हुआ. उन्होंने कहा कि विपक्ष 24 घंटे झूठ बोलता है. दिल्ली में आतिशी कहीं दिखाई नहीं देती.
आप ने उठाया मिलावटी खाद्य पदार्थ का मुद्दा
इसके बाद चर्चा में आप जरनैल सिंह ने कहा कि क्या एक सदस्य प्रश्न पूछने का अधिकार नहीं रखता. दिल्ली में मिलावटी सामान मिल रहा है. सभी खाने-पीने के चीजों में मिलावट हो रही है. सीबीएसई की गाइडलाइंस के तहत स्कूलों में जंक फूड पर प्रतिबंध होना चाहिए.
अस्पताल में सुविधाओं की कमी का उठाया मुद्दा
आप विधायक मोहम्मद आले इकबाल ने दिल्ली गेट के समीप स्थित दिल्ली सरकार के सबसे बड़े अस्पताल एलएनजेपी अस्पताल और जीबी पंत में वेंटिलेटर की सुविधा बढ़िया नहीं होने के मुद्दे को उठाया. कहा वह उस क्षेत्र से विधायक हैं इस नाते सबसे अधिक लोगों के फोन आते हैं, वह पांच मिनट में अस्पताल पहुंच भी जाते, लेकिन वहां सुविधाओं का अभाव होने से असहाय हो जाते हैं. दिल्ली सरकार केंद्र सरकार से भी फंड लेकर सुविधाएं मुहैया कराए. अस्पताल में बाउंसर खड़े हैं जो मरीज और उनके परिजनों से बदतमीज़ी करते हैं.
ओ-ज़ोन में आने वाली कॉलोनियों का मुद्दा भी उठा

आम आदमी पार्टी के बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने कहा कि उनके विधानसभा के लोग बहुत परेशान हैं. करावल नगर में एक विधवा की 25 गज में मकान था, उसे तोड़ दिया गया. सरकार आश्वासन देती है. लेकिन कोर्ट इसे नहीं मानता. सरकार को कोर्ट में जाकर लीगल प्रोटेक्शन देना चाहिए. भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने कहा 10 साल आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब उन्होंने कोर्ट में क्यों नहीं एफिडेविट दिया. हमारी सरकार इस पर फैसला लेने जा रही है. वर्ष 2019 में केंद्र सरकार ने अनधिकृत कॉलोनियों को बचाने के लिए पीएम उदय योजना लेकर आई. मंत्री कपिल मिश्रा ने इस विषय पर कहा कि उपराज्यपाल से लेकर कैबिनेट में इस पर चर्चा हुई. ओ जोन के दायरे में 30 लाख लोग आते हैं. सरकार किसी का घर नहीं टूटने देगी. उन्होंने कहा किसी का घर बन रहा तो आप के कार्यकर्ता ही शिकायत दर्ज करा रहे हैं.
डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग की एआई-संचालित लाइव ट्रांसक्रिप्शन
दिल्ली विधानसभा ने डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग को सदन की कार्यवाही के दौरान अपनी एआई-संचालित लाइव ट्रांसक्रिप्शन एवं अनुवाद प्रणाली का ट्रायल करने के लिए आमंत्रित किया है. इस पहल का उद्देश्य विधायी प्रबंधन की दक्षता और उत्पादकता बढ़ाने में प्रौद्योगिकी की क्षमता का आकलन करना है. विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग, जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री द्वारा जुलाई 2022 में गांधीनगर, गुजरात में डिजिटल इंडिया सप्ताह के दौरान किया गया था, राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन है. इस पहल का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को उनकी पसंदीदा भारतीय भाषा में जिसमें संवाद भी सम्मिलित है.
हरीश खुराना ने उठाया अवैध ओयो और गेस्ट हाउस का मुद्दा
बीजेपी विधायक हरीश खुराना ने कहा नियमों का उल्लंघन करते हुए उनके विधानसभा क्षेत्र मोतीनगर और दिल्ली के अलग अलग इलाकों में ओयो जैसे कमरे, गेस्ट हाउस संचालित हो रहे हैं. ये सब बिना लाइसेंस, बिना फायर सेफ़्टी के चल रहे हैं. इन जगहों पर संचालित गतिविधियों के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है. साथ ही, महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षा की दृष्टि से चिंता उत्पन्न हो रही है. इसके कारण पार्किंग, क़ानून व्यवस्था और कॉलोनियों की शांति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. ऐसे प्रतिष्ठानों को चिन्हित करके कार्रवाई की जाए. मंत्री से निवेदन है कि DMs को आदेश देकर ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए.
दिल्ली विधानसभा परिसर में गूंजा ‘रेखा गुप्ता जिंदाबाद’ का नारा, ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के लिए महिलाओं ने किया स्वागत
दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले शुक्रवार को विधानसभा परिसर में एक अनूठा और उत्साहपूर्ण नजारा देखने को मिला. भारी संख्या में पहुंची महिलाओं ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का गर्मजोशी से भव्य स्वागत किया. ढोल-नगाड़ों की गूंज और पुष्पवर्षा के बीच महिलाओं ने मुख्यमंत्री को पुष्पमालाएं पहनाकर उनका आभार व्यक्त किया. इस दौरान महिलाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति अटूट विश्वास जताते हुए कहा कि ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ राजधानी की आधी आबादी के आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है.
महिलाओं का अभिवादन स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार नारी शक्ति के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ केवल एक आर्थिक सहायता योजना मात्र नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को समाज में आत्मसम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के साथ आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है. मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह महत्वाकांक्षी योजना लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी और महिलाओं को विकास के नए अवसर उपलब्ध कराएगी.
मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वस्त किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र महिला तक इस योजना का लाभ पूरी पारदर्शिता, सरलता और समयबद्ध तरीके से पहुंचे. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आवेदन प्रक्रिया को बेहद सुगम बनाया जाए, ताकि किसी भी पात्र लाभार्थी को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े. महिलाओं का यह बेहिसाब स्नेह और आशीर्वाद उनकी सरकार के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा का स्रोत है. विश्वास नगर से आई सविता जिंदल ने कहा कि इस योजना को लेकर जो सवाल उठाए जा रहे थे, अब सभी शंकाएं दूर हो गई.
लाखों महिलाओं ने कराया पंजीकरण
‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के प्रति महिलाओं में किस कदर उत्साह है, इसका अंदाजा इसी आंकड़े से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार सुबह 8 बजे तक इस योजना के तहत 4,57,541 महिलाओं ने अपने पंजीकरण पूरे कर लिए हैं, जबकि 1,72,940 महिलाओं ने तमाम चरणों को पार करते हुए अपने आवेदन सफलतापूर्वक अंतिम रूप से जमा कर दिए हैं. मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि दिल्ली सरकार नारी शक्ति के मान-सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए इसी प्रकार नई जनकल्याणकारी पहल करती रहेगी, ताकि हर महिला का जीवन अधिक सुरक्षित, स्वावलंबी और सम्मानजनक बन सके.



