
संवाददाता
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश में हो रहे बदलावों का असर अब अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में भी दिखने लगा है। इसका ताजा प्रमाण ‘QS वर्ल्ड फ्यूचर स्किल्स इंडेक्स 2027’ में भारत की रैंकिंग है। QS वर्ल्ड फ्यूचर स्किल्स इंडेक्स 2027 की ताजा रैंकिंग में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया के 89 देशों में 13वां स्थान हासिल किया है। 89.4 अंकों के साथ भारत दक्षिण एशिया का सबसे ऊंची रैंक वाला देश बना है। QS वर्ल्ड फ्यूचर स्किल इंडेक्स 2027 रिपोर्ट के मुताबिक, मजबूत आर्थिक विकास, तेजी से बढ़ती डिजिटल वर्कफोर्स और उच्च शिक्षा के विस्तार ने भारत को एआई आधारित भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर स्थिति में पहुंचाया है। कम और मध्यम आय वाले देशों की केटेगरी में भारत टॉप परफॉर्मर बनकर उभरा है। अलग-अलग पैमानों की बात करें, तो भारत ‘फ्यूचर ऑफ वर्क’ में 5वें, ‘इकोनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन’ में 14वें और ‘स्किल फिट’ के मामले में 18वें नंबर पर रहा है। भारत के लिए सबसे बड़ी कामयाबी ‘इकोनॉमिक कैपेसिटी’ (आर्थिक क्षमता) के मामले में रही, जहां भारत ने 100 में से पूरे 100 अंक हासिल कर टॉप पोजीशन पाई है। लगातार तीन सालों तक G-20 देशों में सबसे तेजी से बढ़ती इकोनॉमी बने रहना, मजबूत जीडीपी ग्रोथ और लेबर मार्केट व बुनियादी ढांचे में भारी निवेश की वजह से भारत को यह मुकाम मिला है।
आइए अब एक नजर डालते हैं किस तरह पीएम मोदी के नेतृत्व में देश ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय इंडेक्स में अपनी स्थिति में सुधार किया है-
भारत की खुशहाली में दो पायदान की छलांग
वैश्विक खुशहाली सूचकांक में भारत अब 116वें स्थान पर पहुंच गया है। इससे पहले साल 2024 में भारत 126वें और 2025 में 118वें स्थान पर था। यानी लगातार तीसरे साल भारत की रैंकिंग में सुधार दर्ज किया गया है। यह मोदी सरकार की लोक-केंद्रित नीतियों, विशेषकर बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा और ‘ईज ऑफ लिविंग’ की दिशा में उठाए गए ठोस कदमों का परिणाम है। रिपोर्ट यह भी दिखाता है कि 2020 में 144 स्थान पर रहने वाला भारत अब धीरे-धीरे बेहतर स्थिति की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, अभी भी खुशहाली के पैमाने पर भारत को लंबा सफर तय करना है, लेकिन मौजूदा रुझान सकारात्मक संकेत दे रहे हैं। अगर यही गति बनी रही, तो आने वाले वर्षों में भारत टॉप 100 देशों में जगह बना सकता है। वैश्विक स्तर पर, फिनलैंड एक बार फिर दुनिया का सबसे खुशहाल देश बना है। यह लगातार 9वीं बार है जब फिनलैंड ने पहला स्थान हासिल किया है। इसके बाद आइसलैंड दूसरे और डेनमार्क तीसरे स्थान पर हैं।
एआई पावर रैंकिंग में तीसरे नंबर पर पहुंचा भारत
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। अब देश ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के मैदान में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। हाल ही में Stanford University के Institute for Human-Centered Artificial Intelligence की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे मजबूत AI देश बन गया है। रिपोर्ट के मुताबिक एआई पावर रैंकिंग भारत ने सिर्फ एक साल में सातवें स्थान से सीधे तीसरे स्थान पर छलांग लगाई है। अमेरिका और चीन के बाद अब भारत AI तैयारी और उसके प्रसार में तीसरे पायदान पर खड़ा है। सबसे खास बात ये है कि भारत ने ब्रिटेन, जापान, जर्मनी, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया जैसे विकसित देशों को पीछे छोड़ दिया है। ये उपलब्धि दिखाती है कि मोदी सरकार की डिजिटल और टेक नीतियां जमीन पर असर दिखा रही हैं।
इस एआई पावर इंडेक्स में देशों को 0 से 100 अंकों के स्केल पर आंका गया। इसमें एआई रिसर्च और डेवलपमेंट, टैलेंट और स्किल्स, निवेश और स्टार्टअप इकोसिस्टम, कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, सरकारी नीतियां और एआई अपनाने की रफ्तार जैसे पैमानों को शामिल किया गया। भारत इस एआई पावर इंडेक्स में टॉप-3 में शामिल एकमात्र निम्न-मध्य आय वाला देश है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में एआई स्किल का प्रसार दुनिया में सबसे ज्यादा है। अब एआई ज्ञान सिर्फ बड़ी कंपनियों या रिसर्च लैब तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों इंजीनियर, डेवलपर और टेक प्रोफेशनल्स इससे जुड़ चुके हैं। एआई टैलेंट बेस के मामले में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है। इतना ही नहीं, GitHub पर वैश्विक एआई प्रोजेक्ट्स में योगदान के मामले में भी भारत दूसरे नंबर पर पहुंच गया है।
भारतीय पासपोर्ट का बढ़ा दबदबा, रैंकिंग में 10 पायदान की छलांग
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक साख और मजबूत हुई है। मोदी सरकार आने के बाद से भारत की तमाम रैंकिंग में सुधार हुआ है। इसी क्रम में भारतीय पासपोर्ट की ताकत में जबरदस्त सुधार हुआ है। लंदन स्थित हेनली पासपोर्ट इंडेक्स (Henley Passport Index) की फरवरी 2026 की ताजा रैंकिंग में भारतीय पासपोर्ट ने 10 पायदान की लंबी छलांग लगाते हुए 75वां स्थान हासिल किया है। पिछले साल भारत 85वें स्थान पर था। मौजूदा रैंकिंग के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट धारकों को 56 देशों में वीजा-फ्री, वीजा-ऑन-अराइवल या ई-ट्रैवल अथॉराइजेशन (ETA) की सुविधा मिलेगी।



