
संवाददाता
लखनऊ । राजधानी के अलीगंज इलाके में तीसरे तल पर स्थित एक गेमिंग जोन और सॉफ्टवेयर ऑफिस में सोमवार दोपहर भीषण आग लग गई. इस घटना में 15 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 5 लोग घायल हैं. जिनका इलाज केजीएमयू में चल रहा है. आग इतनी भीषण थी कि कई लोग बिल्डिंग से नीचे कूद गए. इसके लिए लटक रहे तार को जरिया बनाया. बताते हैं कि जब आग लगी तो गेमिंग जोन कुछ स्टूडेंट्स भी मौजूद थे.

इस बीच अलीगढ़ पहुंचे सीएम योगी दौरा छोड़कर लखनऊ घटनास्थल पहुंच गए. सीएम ने घटना के जांच के आदेश दिए हैं. सीएम ने केजीएमयू पहुंचकर भी घायलों का हालचाल जाना. साथ ही कहा कि किसी भी जिम्मेदार अधिकारी को बख्शेंगे नहीं. कुछ देर में रक्षा मंत्री और स्थानीय सांसद राजनाथ सिंह भी लखनऊ पहुंच रहे हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी ने भी लखनऊ की घटना पर शोक जताया है.

तीन गिरफ्तार
मामले में थाना अलीगंज में उत्तर प्रदेश अग्नि शमन सेवा अधिनियम के तहत 4 नामजद अभियुक्त एवं अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने तीन आरोपियों को रामकृष्ण उपाध्याय (43), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62), पुत्र रामेश्वर प्रसाद शुक्ला निवासी 536/265 A मदेयगंज नियर बड़ा दुर्गा मंदिर सीतापुर रोड लखनऊ और कृष्णा जायसवाल (31) पुत्र स्व. कृष्ण कुमार जायसवाल, पता 441 R N/ 69 / 3 नीलकंठ हॉस्पिटल लेन बालागंज लखनऊ थाना ठाकुरगंज को गिरफ्तार किया है.

चार पर गिरी गाज
वहीं मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर चार लोगों गौरव कुमार एक्सचेंज कलेक्शन जानकीपुरम, कमलेन्द्र कुमार सिंह FSSO इंदिरा नगर, अनिल कुमार AE और प्रमोद पांडेय JE को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. सस्पेंड होने वालों में 2 एलडीए के एक ऊर्जा विभाग तथा एक फायर विभाग के अफसर हैं.
दो सदस्यीय विशेष जांच दल गठित
सीएम योगी के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. विशेष जांच दल में अमृत अभिजात, अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, धर्मार्थ और संस्कृति विभाग, प्रवीण कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन को जांच सौंपी गई है. जांच दल को सात दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.
सीएम ने बिल्डिंग का निरीक्षण किया

सीएम योगी अलीगंज स्थित अग्निकांड स्थल पर पहुंचे. उन्होंने बिल्डिंग का निरीक्षण किया और बगल के भवन की छत पर जाकर भी हालात के बारे में जाना. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से हादसे की पूरी जानकारी ली. उन्होंने अग्निकांड के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने अग्निकांड में जान गंवाने वाले बच्चों की मौत पर गहरा शोक प्रकट किया. उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया.

मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया




मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों से भी मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने घटना पर शोक प्रकट करते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया. उन्होंने परिजनों के आंसू भी पोंछे. कहा कि हम किसी की जिंदगी तो नहीं लौटा सकते, लेकिन विश्वास दिलाते हैं कि दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे. सरकार परिजनों के साथ है.
निजी संस्थान का यह ऑफिस अलीगंज में पेट शॉप के ऊपर है. बतात हैं कि सबसे पहले तीसरी मंजिल पर आग लगी. देखते ही देखते आग फैल गई और ऑफिस को चपेट में ले लिया. बताया जा रहा है कि उस वक्त ऑफिस में 30 से भी ज्यादा लोग मौजूद थे. आग लगते ही अफरातफरी मच गई.
आग तेजी से फैली और लोगों को बचाव का कोई रास्ता नहीं दिखा. करीब आधे घंटे थक फायर ब्रिगेड भी नहीं पहुंच सकी थी. आशंका जताई गई कि आग से घिरी बिल्डिंग में कई लोग फंसे हैं. मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग बुझाने में जुट गईं, लेकिन आग की भयावहता कम होने में काफी समय लगा. करीब 4 घंटे बाद भी बिल्डिंग सुलगती रही. जब लपटें थमीं तो बिल्डिंग के अंदर से एक के बाद एक मृतकों के शव बाहर निकाले जाने लगे. अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से हुई बताई जा रही है.

घटना की भयावहता को देखते हुए सीएम योगी अलीगढ़ का दौरा छोड़कर लखनऊ रवाना हो गए. अलीगढ़ में मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी हार्दिक इच्छा थी कि आज मैं अलीगढ़ में रहूं, लेकिन मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि अभी-अभी मुझे जानकारी मिली है लखनऊ में एक अग्निकांड की दुखद घटना हुई है. उसकी चपेट में कुछ बच्चे आये हैं, उनकी दुखद मौत हुई है. इसलिए मुझे तत्काल वापस जाना पड़ रहा है, जिन्होंने जान खोई उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री ने दिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि तत्काल मौके पर पहुंचें. साथ ही राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने व घायलों को उचित उपचार उपलब्ध कराने के लिए कहा है. सीएम ने प्रशासन को हर स्तर पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं.



