
संवाददाता
तेहरान। ईरान के लीगल और इंटरनेशनल मामलों के डिप्टी विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने अमेरिका के साथ शांति समझौते की पुष्टि की है. साथ ही कहा है कि तेहरान आखिरी समझौते के लिए प्रस्तावित 60-दिन की बातचीत की अवधि में तभी शामिल होगा, जब वह युद्ध खत्म करने, नाकाबंदी हटाने और ईरानी संपत्ति को छोड़ने के लिए वाशिंगटन के वादों को वेरिफाई कर लेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन और तेहरान के बीच शांति समझौते के पूरा होने और होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाने की घोषणा की है. ईरान के सरकारी प्रेस टीवी के मुताबिक गरीबाबादी ने कहा कि समझौते पर ऑफिशियल साइनिंग सेरेमनी शुक्रवार को होगी. इसके बाद समझौते को सार्वजनिक किया जाएगा.
जिस दुश्मन ने अपने खतरनाक मकसद को पूरा करने के लिए हमला किया था, उसे अपने सभी मकसद में हार का सामना करना पड़ा और ईरान ने युद्ध में बड़ी जीत हासिल की. यह समझौता सिर्फ डिप्लोमेसी का नतीजा नहीं था, बल्कि यह ईरान की मिलिट्री कामयाबियों का कर्जदार है.
यह उन शहीदों के पवित्र खून का कर्जदार है जो हमने सिस्टम के दुश्मनों का सामना करते हुए दिए. ऑफिशियल साइनिंग के बाद, समझौते को सार्वजनिक किया जाएगा. गरीबाबादी ने कहा, ‘शुक्रवार को हम ऑफिशियली साइन करेंगे, और दोनों प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख बातचीत के लिए आगे के इंतजाम तय करने के लिए बातचीत करेंगे.’
उन्होंने आगे कहा कि ईरान पहले यह वेरिफाई करेगा कि बातचीत के अगले फेज में जाने से पहले अमेरिका ने युद्ध खत्म करने, ब्लॉकेड हटाने और एसेट्स रिलीज करने से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियों को पूरा किया है या नहीं. प्रेस टीवी के मुताबिक, गरीबाबादी ने कहा, ’60 दिनों की बातचीत में शामिल होना इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिका इन कमिटमेंट्स को पूरा करे.’
नए हो रहे एग्रीमेंट के बारे में और जानकारी देते हुए गरीबाबादी ने कहा कि ईरान ने समझौता प्रस्ताव में अपनी सभी जरूरी बातों को शामिल कर लिया है और इस बात पर जोर दिया कि इस डॉक्यूमेंट का मतलब वॉशिंगटन पर भरोसे के तौर पर नहीं निकाला जाना चाहिए.
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘इस समझौता का मतलब दुश्मन पर भरोसा करना नहीं है. हम अमेरिका के कमिटमेंट्स को लागू करने पर नजर रखेंगे.’ यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वॉशिंगटन और तेहरान के बीच शांति डील पूरी होने की घोषणा के बाद आई.
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, ‘ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है. सभी को बधाई! मैं होर्मुज स्ट्रेट को टोल-फ्री खोलने की पूरी मंजूरी देता हूँ, और साथ ही अमेरिकी नौसेनिक ब्लॉकेड को तुरंत हटाने की भी मंज़ूरी देता हूँ. दुनिया के जहाज़ों, अपने इंजन चालू करो.’ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी घोषणा की कि गहरी बातचीत के बाद एक समझौता हो गया है.
एक्स पर एक पोस्ट में शरीफ ने कहा कि दोनों पक्ष लेबनान सहित सभी फ्रंट पर मिलिट्री ऑपरेशन को तुरंत और हमेशा के लिए खत्म करने पर सहमत हो गए हैं. शरीफ ने कहा कि ऑफिशियल साइनिंग सेरेमनी 19 जून को स्विट्जरलैंड में होगी और उन्होंने मीडिएशन प्रोसेस को आसान बनाने में कतर, सऊदी अरब और तुर्की को उनकी भूमिका के लिए धन्यवाद दिया. शरीफ के मुताबिक साइनिंग सेरेमनी से पहले टेक्निकल चर्चा और एग्रीमेंट को लागू करने के लिए ग्राउंडवर्क तैयार करने के लिए कई प्री-इम्प्लीमेंटेशन मीटिंग्स होंगी.



