
संवाददाता
पटना। बिहार के सियासी गलियारे से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को उस समय बड़ा झटका लगा जब पार्टी के एससी-एसटी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. शिवचंद्र राम ने न सिर्फ एससी-एसटी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छोड़ा है, बल्कि उन्होंने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है. उनके इस कदम के बाद आरजेडी के अंदर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है.
एमएलसी टिकट नहीं मिलने से नाराजगी
सूत्रों के अनुसार, शिवचंद्र राम बिहार विधान परिषद चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज थे. बताया जा रहा है कि आरजेडी की ओर से उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद उन्होंने यह बड़ा फैसला लिया. इसी असंतोष के चलते उन्होंने पार्टी नेतृत्व से दूरी बनाते हुए अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया. बता दें, आरजेडी ने सुनील सिंह को एमएलसी का उम्मीदवार बनाया है.
भावुक होकर रोने लगे शिवचंद्र राम !
आरजेडी छोड़ने के सवाल पर पूर्व मंत्री और एससी-एसटी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवचंद्र राम भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनके साथ नाइंसाफी की है. इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उनकी आंखें भर आईं और वह भावुक होकर रोने लगे. शिवचंद्र राम ने साफ कहा कि फिलहाल वह पार्टी छोड़ने के मुद्दे पर कोई और टिप्पणी नहीं करेंगे और बाकी बातें बाद में बताएंगे. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और आरजेडी के भीतर असंतोष को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं.
आरजेडी में अंदरूनी असंतोष की चर्चा
शिवचंद्र राम के इस्तीफे के बाद आरजेडी के भीतर असंतोष की चर्चा तेज हो गई है. शिवचंद्र राम से पहले लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने भी सोशल मीडिया पोस्ट शेयर कर आरजेडी एमएलसी उम्मीदवार पर निशाना साधा है. पार्टी के अंदर इसे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले दिनों में संगठन पर असर डाल सकता है. फिलहाल इस पूरे मामले पर आरजेडी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. वहीं राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि आने वाले समय में इस इस्तीफे का पार्टी संगठन पर क्या प्रभाव पड़ेगा.



