
संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली के महरौली में इमारत गिरने के हादसे में घायलों को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है. ताज़ा जानकारी के मुताबिक, कुल 10 लोगों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया है. इनमें से 2 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2 अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है. बाकी 6 घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है.
हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा. पुलिस, दमकल और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर मौजूद हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है. इमारत गिरने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है.
सीएम रेखा गुप्ता ने किया दौरा
साकेत मेट्रो स्टेशन के पास सहदुलाजाब इलाके में हुए बिल्डिंग हादसे के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता घटनास्थल पर पहुंच गई हैं. मुख्यमंत्री ने मौके पर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की समीक्षा की और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली. हादसे में घायल लोगों का अस्पताल में इलाज जारी है, जबकि मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान लगातार चल रहा है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं.
बता दें बीते दिन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ट्वीट कर इस घटना पर चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा, “साकेत मेट्रो स्टेशन के पास इमारत गिरने की घटना से मैं बेहद चिंतित हूं. NDRF, दिल्ली फायर सर्विसेज़, दिल्ली पुलिस, DDMA, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं. मलबे में फँसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है. स्थिति पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है, और सभी संबंधित एजेंसियाँ आपस में तालमेल बिठाकर काम कर रही हैं. हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.”
वहीं, एक चश्मदीद ने कहा, “इस इमारत में छात्र कैसे काम कर रहे थे? हो सकता है कि कुछ लोग अभी भी वहाँ फँसे हों. यह कम से कम 5 मंज़िला इमारत थी. 3 लोगों को बचा लिया गया है. मेरी मौसी अभी भी वहां फंसी हुई हैं.” जानकारी के मुताबिक, दमकल विभाग को हादसे की सूचना शाम 7:45 बजे घटना की सूचना मिली, जिसके बाद दमकल और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंची और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. इमारत गिरते ही पूरे इलाके में धूल का गुबार छा गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गई है. मलबे को हटाने का काम जारी है. फिलहाल, यह साफ नहीं हो पाया है कि इमारत गिरने की वजह क्या रही है. शुरुआती जांच में निर्माण की स्थिति और इमारत की मजबूती को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
अधिकारियों का कहना है कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता है. महरौली पुलिस स्टेशन इलाके में हुए इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल है. बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटा है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है.



