
संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद जिले में लगातार सामने आ रही गंभीर आपराधिक घटनाओं और पुलिस कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस आयुक्त ने दो थाना प्रभारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। भोजपुर और नंदग्राम थाना प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। इंसपेक्टर गिरीराज सिंह काे साइबर क्राइम से भाेजपुर थाना प्रभारी और संतोष त्रिपाठी को नंदग्राम थाने की कमान दी गई है।
भोजपुर थाना क्षेत्र के चुड़ियाला गांव में युवक की मारपीट के बाद हुई मौत के मामले में थाना प्रभारी प्रताप बालियान को हटाया गया है।
अपहरण के बाद दुष्कर्म
वहीं, नंदग्राम थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह पर कई मामलों में लापरवाही के आरोप लगे थे। राजनगर एक्सटेंशन में सात वर्षीय बच्ची के अपहरण के बाद दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आई थी। पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने नंदग्राम थाने के SHO जितेंद्र कुमार को हटा दिया है। उन्हें क्राइम ब्रांच भेजा गया है।
कौशांबी इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा का भी गाजियाबाद जिले में समय पूरा हो चुका है। शासन ने उनका ट्रांसफर पूर्व में लखनऊ जोन किया है। अजय शर्मा पूर्व में भी विवादों में रहे हैं। आरएएफ के साथ दबिश के दौरान बिहार के युवक को कहा था कि यह विदेशी है, मशीन लगाओ ।
जिसके बाद मोबाइल पीठ पर रखकर खूब किरकिरी कराई। 5 दिन पहले ही कौशांबी में देह व्यापार में 23 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया था, जिससे थाना पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे रहे हैं, एसीपी सूर्यबली मौर्य ने यह छापा मारा। माना जा रहा है कि अजय शर्मा की कुर्सी भी जल्द छिन सकती है। वहीं खोड़ा इंस्पेक्टर नरेश कुमार शर्मा का भी जिले में समय पूरा हो चुका है।
लाइन हाजिर करने के आदेश
इसके अलावा नंदग्राम क्षेत्र में पीड़ितों के मुकदमे दर्ज करने में देरी और पुलिस से जुड़ी सूचनाएं लीक होने की शिकायतें भी सामने आई थीं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त ने दोनों थाना प्रभारियों को लाइन हाजिर करने के आदेश जारी किए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था और शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



