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एनसीआर की ऊंची इमारतों में आग बुझाना एक चुनौती, गौर ग्रीन एवेन्यू हादसे के बाद अग्निशमन विभाग की बड़ी कमियां उजागर

संवाददाता

गाजियाबाद। एनसीआर में लगातार बहुमंजिला इमारते खड़ी हो रही हैं और लोग महंगे फ्लैट खरीदकर रह रहे हैं लेकिन अग्नि सुरक्षा के नाम पर उनकी हिफाजत करने वालो कोई नहीं है। 30 से 40 मंजिल या इससे अधिक की इमारते खड़ी तो कर दी गई हैं लेकिन इनमें आग बुझाने के इंतजाम दमकल विभाग के पास नाकाफी हैं।

एनसीआर में नोएडा, गाजियाबाद के पास केवल आग बुझाने के लिए 15 से 17 मंजिल तक पहुंचने वाले हाइड्रोलिक प्लेटफार्म उपलब्ध हैं, यदि इससे ऊपरी मंजिल पर आग लगती है तो बुझाने में विभाग के पसीने छूटेंगे।

गाजियाबाद के पास है महज 42 मीटर का हाइड्रोलिक प्लेटफार्म है, यानी की 15 से 17 मंजिल तक इससे पहुंचा जा सकता है। जबकि गाजियाबाद में 410 छोटी-बड़ी बहुमंजिला इमारते हैं। सबसे ऊंची सोसायटी इंदिरापुरम की साया गोल्ड है जो 43 मंजिल तक है।

पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 72 मीटर के एक और 101 मीटर के दो प्लेटफॉर्म स्वीकृत किए थे, जीडीए द्वारा इन्हें खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। 101 मीटर के प्लेटफार्म से 33वीं मंजिल तक पहुंचा जा सकेगा, जोकि नाकाफी है। इससे ऊंचे प्लेटफार्म की आवश्यकता अभी बनी हुई है। वहीं गाजियाबाद में अभी तीन फायर स्टेशन क्रासिंग रिपब्लिक, राजनगर एक्सटेंशन व वेव सिटी में भी जीडीए को बनाकर देने हैं। इसके लिए भी योजना पर काम चल रहा है।

नोएडा में खरीदे जाने हैं 102 मीटर के दो प्लेटफार्म

नोएडा में आग से बचाव उपकरण संबंधी इनपुट: गौतमबुद्ध नगर में कुल नौ स्थाई और तीन अस्थाई अग्निशमन केंद्र हैं। अग्निमशमन विभाग के पास हाइराइज सोसायटी में आग बुझाने के लिए महज 42 मीटर के पांच हाइड्रोलिक प्लेटफार्म हैं। विभाग की ओर से 102 मीटर के दो हाइड्रोलिक प्लेटफार्म और एक रोबोट फायर खरीदे जाने की तैयारी चल रही है। नोएडा में कम्प्रसेड एयर फोम (सीएएफ) आधारित हाइराइज फायर फाइटिंग व्हीकल का ट्रायल 24 अप्रैल को हो चुका है। जिले में सबसे ऊंची इमारत सेक्टर 94 में निर्माणाधीन सुपरनोवा स्पायरा 80 मंजिला इमारत है। वर्तमान में 42 मंजिल तक क्रियाशील है।

ग्रुरुग्राम में सौ मीटर से ऊंची इमारतें, हाइड्रोलिक प्लेटफार्म एक भी नहीं

गुरुग्राम में आग से बचाव के लिए आधुनिक हाइड्रोलिक प्लेटफार्म नहीं है। 42 मीटर ऊंचाई वाले हाइड्रोलिक प्लेटफार्म का ट्रक कंडम हो चुका हुआ है। यह 19 साल पुराना है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) ने इस वाहन की पासिंग करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। 2007 माडल इस डीजल ट्रक को वर्ष 2017 में दस साल पूरे हो चुके हैं, इसे जर्जर हालत में खड़ा कर दिया गया है। यह हाल उस गुरुग्राम-मानेसर का है, जहां 100 मीटर से ऊंची इमारतों को फायर एनओसी दी जा रही है। आपात स्थिति में दमकल विभाग को डीएलएफ प्रबंधन से 90 मीटर ऊंचाई वाले हाइड्रोलिक की मदद लेनी पड़ती है। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार 104 मीटर ऊंचाई वाले हाइड्रोलिक प्लेटफार्म की खरीद प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

दिल्ली में भी नहीं है पर्याप्त साधन

दिल्ली अग्निशमन विभाग के पास 70 मीटर तक यानि 23 मंजिल तक आग बुझाने के ब्रोंटो वाहन है। फिलहाल इसकी 10 वर्ष की उम्र पूरी हो चुकी है। हालांकि अग्निशमन विभाग इसकी मौजूदा हालत को देखते हुए इसे दूसरे वाहन पर असेम्बल किया जाएगा। इसके साथ ही फिनलैंड से 90 मीटर ऊंची मशीन के लिए आर्डर दिया हुआ। जो कि जल्दी आ जाएगी। इसके अलावा 53 मीटर ऊंची इमारत के लिए वाटर टावर है, 40 मीटर का ब्रोंटो वाहन और 32 मीटर का ईटीएल हैं।

 

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