
संवाददाता
नई दिल्ली । मयूर विहार से लेकर सीधा दिल्ली एम्स तक बनाया गया फ्लाईओवर दिसंबर 2025 में शुरू होना था, लेकिन दिसंबर बीत गया और यह फ्लाईओवर अब तक शुरू नहीं हो सका है. जानकारी के मुताबिक इस फ्लाईओवर के रास्ते में कुछ पेड़ आ रहे हैं, जिनको हटाया जाना है. उन्हें हटाने के बाद ही इसे पूरी तरह से शुरू किया जाएगा. आपको बता दें कि इस फ्लाईओवर का काम 91 फीसदी पूरा हो चुका है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस फ्लाईओवर को इसी साल शुरू किया जा सकता है. जैसे ही यह फ्लाईओवर शुरू होगा, तो दिल्ली का आधा जाम खत्म हो जाएगा और सबसे बड़ा फायदा एम्स जाने वाले मरीजों को होगा. उन्हें घंटों जाम में नहीं फंसना पड़ेगा. यही नहीं, इस फ्लाईओवर के शुरू होते ही एम्स जाने वाली एंबुलेंस को भी जाम से जूझना नहीं पड़ेगा.
1000 करोड़ रुपये की लागत से बना है फ्लाईओवर
आपको बता दें कि पिछले साल पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने यहां का निरीक्षण करके यह साफ कर दिया है कि इस साल के अंत तक इस फ्लाईओवर के फेस-3 का काम पूरा हो जाएगा. इसे जनता को सौंप दिया जाएगा. इस फ्लाईओवर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पूर्व-दक्षिण दिल्ली के बीच सफर तेज और आसान होगा. इस फ्लाईओवर को लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है. यह फ्लाईओवर मयूर विहार को दिल्ली एम्स तक के रास्ते से जोड़ देगा, जिस वजह से लोगों का मयूर विहार से सीधा लाजपत नगर, दिल्ली एम्स और साउथ दिल्ली से लेकर उसके आगे तक की जाने का सफर आसान हो जाएगा. अभी मयूर विहार से लोगों को निकल कर हाइवे से होकर जाना होता है. अभी उस सड़क पर काफी जाम होता है. लोग घंटो जाम में फंसे रहते हैं.
इस साल शुरू होगा यह फ्लाईओवर
इस फ्लाईओवर का काम साल 2015 में शुरू हुआ था और 2017 तक इसे पूरा होना था. लेटलतीफी पर लोकल 18 की टीम ने फ्लाईओवर का निर्माण कर रही कंपनी के लोगों से बात की. उन्होंने बताया कि पेमेंट नहीं मिल रहा था. पिछली सरकार की ओर से इसी वजह से इस फ्लाईओवर का काम 2017 तक पूरा नहीं हो सका और इस काम को पूरा होने में 10 साल लग गए, लेकिन फिलहाल अब इस काम को फिर से तेजी से शुरू कर दिया गया है. दिसंबर तक इसे शुरू होना था, लेकिन कुछ पेड़ों की वजह से अभी भी रुकावट बनी हुई है. हालांकि इस साल इसे हर हाल में शुरू कर दिया जाएगा.
इस तरह खत्म होगा नाम
इस फ्लाईओवर के शुरू होने से सराय काले खां से मयूर विहार तक जाना आसान होगा. 3.5 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर पूर्वी दिल्ली, दक्षिण दिल्ली और नई दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए बनाया गया है. यह निजामुद्दीन ब्रिज, भैरों मार्ग और आश्रम चौक पर ट्रैफिक की भीड़ को कम करने में मदद करेगा. इसके अलावा एम्स तक जाना भी आसान होगा.



