
संवाददाता
लखनऊ । रामपुर में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की मुश्किलें बढ़ गई हैं.प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई है. यह एफआईआर रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज हुई है. मामले में बड़े पैमाने पर आर्थिक गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए हैं.ईडी के लखनऊ कार्यालय में तैनात डिप्टी डायरेक्टर पीयूष एस. थ्रोट ने पुलिस को शिकायत दी. इसके आधार पर अजीमनगर थाने में FIR दर्ज की गई है. यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 66(2) के तहत की गई शिकायत से जुड़ी है.
जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में कथित आर्थिक अनियमितताओं को लेकर जांच एजेंसी ने यह कदम उठाया है.
ED की जांच के मुख्य बिंदु:
1. 494.46 करोड़ का निर्माण दिखा और ITR में सिर्फ 78.32 करोड़ दिखाया – 416.14 करोड़ का हिसाब गायब।
2. ठेकेदारों को 186 करोड़ के सरकारी ठेके देकर बदले में 55.8 करोड़ की सामग्री जौहर यूनिवर्सिटी में लगवाई गई – ठेकेदार ने स्वयं स्वीकार किया।
3. जल निगम से 23.41 करोड़ से सरकारी पंडाल, हॉस्टल, अस्पताल निजी कैंपस में बनवाकर बाद में स्वामित्व यूनिवर्सिटी को दे दिया गया। 6.60 करोड़ MLA/MLC निधि का भी दुरुपयोग।
4. ठेकेदारों से ही फर्जी दान के नाम पर पैसा ट्रस्ट में वापस लिया गया।
बीजेपी में शामिल हुई पूर्व एमएलसी सरोजनी अग्रवाल की भी मुश्किलें बढ़ेंगी, उनके संस्थाओं की पहले से ही चल रही है सीबीआई जांच..
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की इमारतों के निर्माण पर कुल 494 करोड़ रुपए खर्च दर्शाये गए और आजम खान इस खर्चे का पुख्ता हिसाब–किताब नहीं दे सके। ED के अनुसार, आजम खान जब यूपी सरकार में मंत्री थे, तब उन्होंने सरकारी 85 करोड़ रुपए से खरीदी गई निर्माण सामग्री को प्राइवेट यूनिवर्सिटी परिसर में लगवाया था। जिससे हॉस्टल, हॉस्पिटल, पंडाल सहित कई निर्माण किए गए।ED की FIR में मेरठ की 2 शैक्षणिक संस्थाओं का भी जिक्र है, जिन्होंने आजम खान की इस ट्रस्ट को 6 करोड़ रुपए चंदा दिया था।
ये दोनों संस्थाएं डॉ. सरोजनी अग्रवाल की हैं, सरोजनी तब सपा में एमएलसी थीं। सरकार बदलते ही वह बीजेपी में आ गईं। डॉ. सरोजनी के मेडिकल कॉलेज पर भी सीबीआई जांच चल रही है।



