
संवाददाता
नई दिल्ली । मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं की पिटाई का मामला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उठाया. NSUI के कार्यकर्ताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘ये बच्चे हिंदुस्तान की आवाज है… इस आवाज के सामने खड़े मत होइए इनके सामने कोई खड़ा नही हो सकता है… हर छात्र बर्बरता का वीडियो बनाए… इनको बाद में सजा देंगे.’
इस दौरान NSUI कार्यकर्ता समर्थ ने कहा, ‘हम लोग 4 अक्टूबर से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और 5 अक्टूबर को हमें हिरासत में लिया गया… फिर हमें पार्लियामेंट पुलिस स्टेशन ले जाकर वहाब सिंह तोमर नाम के पुलिसकर्मी के साथ 20 पुलिसवालों ने बुरी तरह से मारा… इसके बाद, हमें पीछे के रास्ते से निकाला गया और पार्लियामेंट पुलिस स्टेशन से दिल्ली कैंट तक कांस्टेबल अंकित कसाना मारते ले गया… जब मेरे साथी धर्मेंद्र ने कहा कि उन्हें उल्टी आ रही है तो पुलिसवालों ने कहा- अपना बैग खोलो और उसी में उल्टी करो.’
राहुल की ‘शेरनी’ ने बताई आपबीती
इस दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पुलिस की मारपीट का शिकार हुई एक महिला प्रदर्शनकारी को शेरनी बताया. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला का परिचय कराते हुए कहा कि उसे पीटा गया, लेकिन वह डरी नहीं और उसके मन में किसी के लिए नफरत नहीं थी.
महिला प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें तीन बसों में बैठाकर हिरासत में लिया था. एक बस में दो लड़कियों के साथ NSUI के करीब 20 से 30 कार्यकर्ता मौजूद थे. महिला के मुताबिक, बस में चंचल यादव नाम की एक महिला कांस्टेबल भी थीं. महिला प्रदर्शनकारी ने बताया कि हिरासत में लिए जाने के बाद NSUI कार्यकर्ताओं ने बस से बाहर निकलकर दोबारा प्रदर्शन जारी रखने की कोशिश की. उन्होंने बस को रोकने के लिए उसके नीचे बैठने की भी कोशिश की, ताकि उनका विरोध जारी रह सके.
महिला का आरोप है कि इसी दौरान महिला कांस्टेबल चंचल यादव ने उनका गला पकड़कर खींचा और धक्का दिया, जिससे वह पीछे की ओर सीट पर गिर गईं. इसके बाद कांस्टेबल ने उनके चेहरे और कान के पास नाखूनों से खरोंच मारी. महिला ने दावा किया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो कांस्टेबल ने उन्हें थप्पड़ मारा और कहा, ‘लो, एक और थप्पड़ खा लो.’
वहीं, दूसरे NSUI कार्यकर्ता धर्मेंद्र कुमार ने कहा, ‘पुलिसकर्मियों ने हमसे कहा- बोलो दिल्ली पुलिस तुम्हारे पापा हैं… हमें बहुत मारा गया, हम से अंकित कसाना नाम के एक पुलिसवाले ने कहा- बुला ले अपने नेता को, तुम्हें कोई बचाने नहीं आएगा.. हम फिर प्रदर्शन में जाएंगे, लेकिन अन्याय के खिलाफ झुकेंगे नहीं, लड़ेंगे और जीतेंगे.’
छात्रों से बोले राहुल- आप वीडियो एविडेंस रखिए
इस दौरान राहुल गांधी ने कहा, ‘अमित शाह जी… ध्यान से देख लीजिए, ये हिंदुस्तान है… यहां न कोई हिंदू है, न मुस्लिम… न पुरुष है, न महिला… न कोई जाति है… यहां सिर्फ एक आवाज है, एक प्रोटेस्ट है… ये हिंदुस्तान है… नरेंद्र मोदी और अमित शाह, आप दोनों इस आवाज के सामने खड़े मत होइए, क्योंकि इसके सामने कोई खड़ा नहीं हो सकता… मैं सभी युवाओं और छात्रों से कह रहा हूं कि आप वीडियो एविडेंस रखिए… जब ये मामला ख़त्म हो जाएगा, तब हम इन सबूतों का इस्तेमाल करेंगे और ऊपर से लेकर नीचे तक सबको सजा दिलाएंगे… कोई बचेगा नहीं.’
राहुल गांधी ने आगे कहा, ‘एक प्रोस्टेट है, एक आवाज है और ये देश की आवाज है… जिसे दबाने की कोशिश हो रही है… इस मामले में कैसे FIR करानी है, कैसे दबाव डालना है… वो सब हमारा काम है, उसकी चिंता करने की जरूरत किसी को नहीं है… पुलिस ने रितु भरालाजी को डिटेन कर लिया… इसके बाद बस में चंचल यादव नाम की महिला कॉन्स्टेबल ने रितु को बुरी तरह मारा… फिर थाने ले जाकर पैरों पर डंडों से मारा गया… दिल्ली पुलिस ये याद रखे – हम यह बर्बरता भूलेंगे नहीं.’ वहीं रितु का कहना है कि आपको जितना मारना है मार लो, हम डरेंगे नहीं, अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे और जीतेंगे.



