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निठारी कांड के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में लगाई फांसी, चाय की दुकान में फंदे पर लटका मिला

संवाददाता

हरिद्वार । नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड में आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत हो गई. शुक्रवार को उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में लालमाता मंदिर के सामने एक चाय के खोखे में उसका शव फंदे पर लटका मिला. घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि सुबह करीब 11 बजे उसने फांसी लगाई है. परिवार को इस घटना की सूचना दे दी गई है और वह अल्‍मोड़ा से हरिद्वार आ रहे हैं.

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान करीब 50 वर्षीय सुरेंद्र कोली पुत्र शंकु राम, निवासी ग्राम मंगरुखाल, भिकियासैंण, अल्मोड़ा के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि सुरेंद्र कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में रह रहा था और भूपतवाला क्षेत्र में चाय के खोखे में काम कर रहा था. इसी के भीतर उसका शव फंदे पर मिला.

बताया जा रहा है कि पुलिस को स्थानीय लोगों से इसकी जानकारी मिली. सुरेंद्र कोली परिवार से अलग रह रहा था. वह तीन पहले ही हरिद्वारा आया था. वह किसी और की चाय की दुकान पर काम कर रहा था.

पारिवारिक क्लेश की आशंका

पुलिस की शुरुआती जांच में आत्महत्या के पीछे पारिवारिक क्लेश की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, मौत की असल वजह अभी साफ नहीं है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है.

निठारी कांड से जुड़ा था नाम

सुरेंद्र कोली का नाम नोएडा के निठारी कांड से जुड़े मामलों में सामने आया था. हालांकि, बाद की न्यायिक प्रक्रिया में उसे बरी किया जा चुका था. नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निठारी हत्याकांड से जुड़े आखिरी मामले में उसकी दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली पुनर्विचार याचिका स्वीकार किए जाने के बाद उसकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ था. फिलहाल हरिद्वार पुलिस सुरेंद्र कोली की मौत के कारणों की जांच कर रही है. पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे.

शुक्रवार सुबहह आख‍िर हुआ क्‍या था?

शुक्रवार सुबह आसपास के लोगों को चाय के खोखे के अंदर कुछ संदिग्ध नजर आया. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो अंदर एक व्यक्ति फंदे से लटका मिला. उसकी पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में हुई. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मौके से कोई सुसाइड नोट मिलने की बात सामने नहीं आई है.

कोली को अदालत ने कर द‍िया था बरी

नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड से जुड़े आखिरी लंबित मामले में उसकी दोषसिद्धि को भी खारिज कर दिया था. कोर्ट के फैसले के बाद उसकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ था. निठारी कांड वर्ष 2006 में तब सामने आया था, जब नोएडा के निठारी इलाके में एक नाले के पास मानव अवशेष मिले थे. इस मामले में सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर पर कई गंभीर आरोप लगे थे. हालांकि, बाद की न्यायिक प्रक्रिया में कोली को मामलों में बरी किया गया और नवंबर 2025 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उसके खिलाफ निठारी से जुड़ा आखिरी लंबित मामला भी खत्म हो गया.

 

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