
संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली के सेंट्रल जिले में पेमेंट कलेक्टर से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लूट के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. दरियागंज थाना पुलिस, स्पेशल स्टाफ और AATS की संयुक्त टीम ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से करीब एक करोड़ रुपये नकद बरामद हुए हैं. इसके अलावा लूट की रकम से खरीदी गई मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन, कपड़े, जूते और पिस्तौल के आकार का लाइटर भी मिला है.
पुलिस के मुताबिक वारदात 7 सितंबर की रात करीब 8 बजे गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास हुई. शिकायतकर्ता एक कारोबारी के लिए पेमेंट डिलीवरी का काम करता है और अपने साथी नरेश के साथ ऑटो से सफदरजंग की ओर जा रहा था. दोनों के पास करीब तीन करोड़ रुपये थे, जो दो बैग में रखे थे. तभी काली स्प्लेंडर बाइक सवार तीन बदमाशों ने ऑटो रोककर एक बैग छीन लिया, जिसमें करीब डेढ़ करोड़ रुपये थे.
चार दिन की जांच में मिले अहम सुराग
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आरोपियों के भागने वाले रास्ते के CCTV फुटेज खंगाले. करीब चार दिन तक तकनीकी निगरानी और फील्ड इनपुट के आधार पर संदिग्धों की गतिविधियों का मिलान किया गया. जांच में पुलिस को पता चला कि वारदात से पहले चांदनी चौक इलाके में बड़ी रकम लेकर आने-जाने वाले लोगों की रेकी की गई थी.
पांच आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों की रकम बरामद
पुलिस के मुताबिक सूरज पांडे को 12 सितंबर को आनंद विहार बस टर्मिनल से गिरफ्तार किया गया. उसकी निशानदेही पर 17 लाख रुपये मिले. 13 सितंबर को आदर्श तिवारी और दीपक गोस्वामी को नवादा से पकड़ा गया और 32.5 लाख रुपये बरामद हुए. संदीप उर्फ सैंडी को फरीदाबाद से गिरफ्तार कर 11 लाख रुपये बरामद किए गए. मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे रिंकू को लुधियाना से पकड़ा गया, जिसकी निशानदेही पर 37.5 लाख रुपये मिले.
पिस्तौल नहीं, लाइटर से डराया था
ज्वाइंट सीपी, सेंट्रल रेंज मधुर वर्मा के अनुसार वारदात के दौरान आरोपियों ने पीड़ितों को पिस्तौल जैसी चीज दिखाकर डराया था. जांच में वह पिस्तौल के आकार का लाइटर निकली. पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने लूट के बाद रकम बांटी और उससे बाइक व मोबाइल खरीदे. मामले में प्रिंस नाम का आरोपी अभी फरार है. पुलिस उसकी तलाश के साथ बाकी रकम बरामद करने में जुटी है.



