
संवाददाता
नई दिल्ली । दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) अंतर्गत चलने वाली निजी ऑपरेटरों की ओर संचालित बसों के चालकों की हड़ताल शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रही. बसों का परिचालन प्रभावित होने से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. कई रूटों पर बसें उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को दफ्तर, कॉलेज और अन्य जरूरी कामों के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है. इस हड़ताल की वजह से दिल्ली मेट्रो में भीड़ बढ़ गई है.
बस सेवा प्रभावित होने का सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ रहा है, जो रोजाना आने-जाने के लिए क्लस्टर बसों का इस्तेमाल करते हैं. महिला यात्रियों के लिए भी परेशानी बढ़ गई है, क्योंकि मुफ्त बस यात्रा की सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है. वहीं, मासिक बस पास रखने वाले यात्रियों को भी निर्धारित सेवा नहीं मिलने के बावजूद दूसरे साधनों पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है.
ऑटो-कैब पर बढ़ी निर्भरता
बसों के सड़कों से हटने के बाद ऑटो, ई-रिक्शा और कैब की मांग बढ़ गई है. यात्रियों का आरोप है कि कई जगहों पर उन्हें सामान्य से ज्यादा किराया देना पड़ रहा है. मजबूरी में लोग ज्यादा पैसे खर्च कर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं. बसों की कमी का असर मेट्रो सेवाओं पर भी दिखाई दे रहा है. प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ी हुई है. बस से सफर करने वाले लोगों को अब मेट्रो और दूसरे सार्वजनिक परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है.
डूसू चुनाव के दिन छात्रों की बढ़ी मुश्किल
शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ यानी डूसू चुनाव के लिए मतदान भी हो रहा है. ऐसे में बस हड़ताल ने विश्वविद्यालय जाने वाले छात्रों की परेशानी और बढ़ा दी है. कई छात्र मतदान केंद्रों तक पहुंचने के लिए ऑटो, ई-रिक्शा और मेट्रो का सहारा ले रहे हैं. छात्रों का कहना है कि डूसू चुनाव में मतदान के लिए समय पर केंद्र तक पहुंचना जरूरी है, लेकिन बसों की अनुपलब्धता के कारण उन्हें अतिरिक्त समय और पैसे दोनों खर्च करने पड़ रहे हैं. खासकर उन छात्रों को अधिक परेशानी हो रही है, जो विश्वविद्यालय के अलग-अलग कॉलेजों और दूरदराज के इलाकों से आते हैं.
यात्रियों में नाराजगी
लगातार चौथे दिन बस सेवा प्रभावित रहने से यात्रियों में नाराजगी है. यात्रियों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था लंबे समय तक प्रभावित रहने से रोजमर्रा की आवाजाही पर सीधा असर पड़ रहा है. लोगों ने जल्द से जल्द हड़ताल खत्म कर क्लस्टर बसों का परिचालन सामान्य करने की मांग की है.



