
संवाददाता
लखनऊ । उत्तर प्रदेश विधान परिषद सचिवालय ने वर्ष 2026-27 के लिए 16 समितियां बना दी हैं। परिषद के सभापति मानवेंद्र सिंह ने सभी समितियों के सभापतियों के नामों की घोषणा कर दी है। बीजेपी एमएलसी और पूर्व प्रदेश महामंत्री अनूप गुप्ता को संसदीय एवं सामाजिक सद्भाव समिति का सभापति बनाया गया है।
वहीं, एमएलसी और प्रदेश मंत्री विजय शिवहरे को खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाओं की रोकथाम से जुड़ी जांच समिति की जिम्मेदारी दी गई है।

उत्तर प्रदेश दैवीय आपदा प्रबंधन जांच समिति के अध्यक्ष का पदभार मिर्जापुर एमएलसी श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह को साैंपा गया है। यह घोषणा विधान परिषद सचिवालय के संसदीय अनुभाग द्वारा जारी आदेश में की गई है।

विधान परिषद सचिवालय के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह समिति आपदा प्रबंधन से संबंधित विषयों और शासन-प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की जांच एवं समीक्षा करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश में प्राकृतिक एवं दैवीय आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों की व्यवस्था का मूल्यांकन करना है।
समिति प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता, आपदा प्रबंधन से संबंधित सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा अन्य संबंधित विषयों की समीक्षा करेगी। आवश्यकता पड़ने पर समिति संबंधित विभागों और अधिकारियों से आवश्यक जानकारी भी प्राप्त कर सकती है।
दैवीय आपदा प्रबंधन जांच समिति के अध्यक्ष के रूप में श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह के समक्ष आपदा प्रबंधन व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। समिति विशेष रूप से बाढ़, अतिवृष्टि, सूखा, आकाशीय बिजली, अग्निकांड सहित अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं पुनर्वास से जुड़े विषयों की प्रभावी निगरानी करेगी।
विधान परिषद की समितियां शासन से जुड़े विभिन्न विषयों की गहन समीक्षा और जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये समितियां संबंधित विभागों से जानकारी एकत्र कर योजनाओं और व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का परीक्षण करती हैं, और आवश्यकतानुसार अपनी संस्तुतियां भी प्रस्तुत करती हैं।

विनीत सिंह को यह दायित्व वर्ष 2026-27 के लिए सौंपा गया है। समिति इस अवधि के दौरान अपने निर्धारित विषयों पर कार्य करेगी और संबंधित मामलों की गहन समीक्षा करेगी।

अन्य सभापतियों की लिस्ट देखें-
- नियम पुनरीक्षण समिति: डॉ. केपी श्रीवास्तव
- विशेषाधिकार समिति: मानवेंद्र सिंह
- याचिका समिति: सुधीर गुप्ता
- आश्वासन समिति: शाहनवाज खान
- वित्तीय एवं प्रशासनिक विलंब समिति: प्रांशुदत्त द्विवेदी
- प्रश्न एवं संदर्भ समिति: बहोरन लाल मौर्य
- संसदीय अध्ययन समिति: राजबहादुर चंदेल
- सदस्य आवासीय परिवाद जांच समिति: अविनाश सिंह चौहान
- भ्रष्टाचार जांच समिति: जितेंद्र सिंह सेंगर
- विद्युत व्यवस्था जांच समिति: ओम प्रकाश सिंह
- विधायी समाधिकार समिति: मुकुल यादव
- शिक्षा का व्यवसायीकरण जांच समिति: ऋषिपाल सिंह



