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नीरव मोदी से लॉरेंस बिश्नोई तक, भगोड़ों पर शिकंजे की तैयारी में भारत, MEA ने दी अहम जानकारी

संवाददाता

नई दिल्ली। भारत सरकार ने एक बार फिर साफ किया है कि विदेशों में छिपे भगोड़ों और अंतरराष्ट्रीय अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. विदेश मंत्रालय (MEA) ने प्रेस ब्रीफिंग में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण से लेकर लॉरेंस बिश्नोई के मामले तक कई अहम सवालों के जवाब दिए. मंत्रालय ने कहा कि सभी मामलों में भारत कानून और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के तहत काम कर रहा है. इसके साथ ही पश्चिम एशिया, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और दक्षिण चीन सागर जैसे मुद्दों पर भी भारत का रुख दोहराया.

विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रेस वार्ता में भारत ने विदेश नीति, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय अपराध से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की. सबसे ज्यादा चर्चा भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े सवालों पर रही. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया अभी भी जारी है. भारत लगातार इस मामले को आगे बढ़ा रहा है और संबंधित देशों के साथ कानूनी प्रक्रिया के तहत काम कर रहा है. वहीं, लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्रालय ने कहा कि भारत अपने कानूनी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुसार कार्रवाई करेगा. साथ ही अमेरिका की ओर से लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर की गई कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा गया कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम के खिलाफ सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है. भारत संगठित अपराध, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और अवैध हथियारों के नेटवर्क को वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा मानता है.

विदेश मंत्रालय ने बहुराष्ट्रीय अभियान ऑपरेशन हार्ड बॉल का भी जिक्र किया और कहा कि इस तरह के अभियानों से अंतरराष्ट्रीय अपराध पर लगाम लगाने में भारत और अमेरिका का सहयोग और मजबूत हुआ है. पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी भारत ने चिंता जताई. मंत्रालय ने कहा किस्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक ऊर्जा और व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है. यहां सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित होना चाहिए. मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर की हालिया पश्चिम एशिया यात्रा में ऊर्जा सुरक्षा प्रमुख एजेंडा रही. ओमान के तट पर भारतीय नाविक की मौत के मामले में भारत ने ईरान के उप राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है. सरकार ने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान को उसके अवैध कब्जे और वहां के लोगों के साथ हो रहे व्यवहार के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए. दक्षिण चीन सागर विवाद पर भारत ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. मंत्रालय ने कहा कि चीन-फिलीपींस मध्यस्थता का फैसला विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. इसके अलावा कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड से जुड़े मामलों पर आई नई टिप्पणियों का भारत ने संज्ञान लिया है. वहीं ब्रुसेल्स में फिलिस्तीन डोनर ग्रुप की बैठक में भागीदारी को लेकर मंत्रालय ने कहा कि भारत फिलिस्तीनी जनता के लिए रचनात्मक और मानवीय सहयोग जारी रखेगा.

प्रेस ब्रीफिंग की प्रमुख बातें ये रहीं

  • ओमान तट पर भारतीय नाविक की मौत के मामले में भारत ने ईरान के उप राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया.
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की Hormuz Toll घोषणा के बाद भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध समुद्री आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियों की वकालत की.
  • विदेश मंत्री एस. जयशंकर की पश्चिम एशिया यात्रा के दौरान ऊर्जा सुरक्षा प्रमुख एजेंडा रही: विदेश मंत्रालय.
  • पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तानी कब्जे के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि उम्मीद है अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराएगा.
  • चाबहार पर अमेरिकी हमलों के बाद पश्चिम एशिया की स्थिति पर भारत की करीबी नजर, विदेश मंत्रालय ने सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवाजाही पर फिर जोर दिया.
  • दक्षिण चीन सागर मामले में चीन-फिलीपींस मध्यस्थता (Arbitral Award) के 10 वर्ष पूरे होने पर भारत ने कहा कि यह फैसला एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का आधार है.
  • भारत ने UNCLOS के अनुरूप नौवहन की स्वतंत्रता, समुद्री व्यापार और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के अपने रुख को दोहराया.
  • भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है.
  • बहुराष्ट्रीय अभियान ऑपरेशन हार्ड बॉल पर विदेश मंत्रालय ने भारत-अमेरिका के बीच ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम के खिलाफ मजबूत सहयोग का उल्लेख किया.
  • कनाडा द्वारा निज्जर हत्याकांड में भारतीय अधिकारियों के खिलाफ कोई संबंध नहीं मिलने संबंधी टिप्पणियों पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने इन टिप्पणियों का संज्ञान लिया है.
  • होर्मुज की स्थिति पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर करीबी नजर है और वैश्विक ऊर्जा एवं आर्थिक सुरक्षा के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित तथा निर्बाध नौवहन आवश्यक है.
  • लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अपनी कानूनी और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप कार्रवाई करेगा.
  • ब्रुसेल्स में फिलिस्तीन डोनर ग्रुप की बैठक में भारत की भागीदारी पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत फिलिस्तीनी जनता के लिए रचनात्मक योगदान देना चाहता है.
  • लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर अमेरिकी न्याय विभाग की कार्रवाई पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ट्रांसनेशनल संगठित अपराध, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और अवैध हथियारों के नेटवर्क को गंभीर खतरा मानता है तथा इस क्षेत्र में भारत-अमेरिका सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है.

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