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24 जुलाई के बाद बदलेगा राज्यसभा का गणित, BJP के लिए महिला आरक्षण से परिसीमन तक कई बड़े बिलों का रास्ता साफ?

संवददाता

नई दिल्ली। 20 जुलाई से से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में बीजेपी की राज्यसभा में ताकत बढ़ी हुई होगी. राज्यसभा में बीजेपी की ये ताकत अहम विधेयकों को पारित करने में मदद करेगी. 24 जुलाई के बाद राज्यसभा में बीजेपी का संख्याबल 117 होगा, जो उसके इतिहास की अबतक की सबसे अधिक संख्या है. ऐसे में बीजेपी अपने बूते राज्यसभा में साधारण बहुमत यानी 123 से केवल छह दूर रह जाएगी. इसमें अगर सात मनोनीत और तीन निर्दलीय परिमल नाथवानी, दिलीप रे और कार्तिकेय शर्मा को मिला दें तो बीजेपी साधारण बहुमत के आंकड़े को पार कर 127 पर पहुंच जाती है. सहयोगी दलों के साथ यह संख्या दो तिहाई के आंकड़े यानी 164 के करीब पहुंच रही है.

20 जुलाई से से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में बीजेपी की राज्यसभा में ताकत बढ़ी हुई होगी. राज्यसभा में बीजेपी की ये ताकत अहम विधेयकों को पारित करने में मदद करेगी. 24 जुलाई के बाद राज्यसभा में बीजेपी का संख्याबल 117 होगा, जो उसके इतिहास की अबतक की सबसे अधिक संख्या है. ऐसे में बीजेपी अपने बूते राज्यसभा में साधारण बहुमत यानी 123 से केवल छह दूर रह जाएगी. इसमें अगर सात मनोनीत और तीन निर्दलीय परिमल नाथवानी, दिलीप रे और कार्तिकेय शर्मा को मिला दें तो बीजेपी साधारण बहुमत के आंकड़े को पार कर 127 पर पहुंच जाती है. सहयोगी दलों के साथ यह संख्या दो तिहाई के आंकड़े यानी 164 के करीब पबीजेपी की हालिया ताकत में बढ़ोतरी की वजह

बीजेपी की हालिया ताकत में बढ़ोतरी की वजह

टीएमसी के तीन पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक हैं, जो अब बीजेपी के सदस्य हैं. गुरुवार शाम को ये तीनों बीजेपी में शामिल हुए, जिसके कुछ ही देर बाद बीजेपी ने पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की तीन सीटों पर 24 जुलाई को होने वाले उपचुनावों में उन्हें अपना उम्मीदवार भी घोषित कर दिया. यह तीनों सीटें इन्हीं के इस्तीफे से खाली हुईं थीं, जिस पर इन तीनों की जीत अब महज एक औपचारिकता है.हुंच रही है.

इन बिलों को पारित कराने की कोशिश में सरकार

अब जिन बिलों को सरकार आगामी मानसून सत्र में पारित कराने की कोशिश करेगी उसमें महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक शामिल हैं. इसके तहत लोकसभा और विधानसभाओं की सीटें 50 प्रतिशत बढ़ाने का प्रावधान बिल में ही किया जा सकता है. दूसरा विधेयक 30 दिन से अधिक की जेल पर पीएम, सीएम, मंत्री की कुर्सी छीनने वाला संविधान संशोधन विधेयक है, जिस पर बनी जेपीसी अपनी रिपोर्ट को जल्द सौंपने वाली है.

इनके अलावा एफसीआरए बिल, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल, एंटी डोपिंग बिल, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के अध्यादेश के बदले विधेयक, कोड ऑन वेजेस सेंट्रल रूल्स, कॉर्पोरेट लॉ, सिक्यूरिटीज मार्केट कोड जैसे बिल भी सरकार आगामी सत्र में लाने की तैयारी में है.

 

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