
विशेष संवाददाता
गुरुग्राम। दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख शहरों में से एक मिलेनियम सिटी गुरुग्राम गुरुवार रात को अचानक से गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा. स्थानीय लोगों को कुछ समझ ही नहीं आया कि अचानक से क्या हो गया. दोतरफा गोलीबारी से लोग दहशत में आ गए. फिर कुछ देर के बाद माहौल शांत हुआ तो हकीकत का पता चला. दरअसल, गुरुग्राम के सुशांत लोक इलाके में बदमाशों और पुलिस टीम के बीच मुठभेड़ हुई. इस एनकाउंटर में 5 बदमाशों को गोली लगी, जिनमें से 4 की मौत हो गई, जबकि एक बदमाश का अस्पताल में इलाज चल रहा है. मुठभेड़ में 3 पुलिसवाले भी घायल हुए हैं. बताया जा रहा है कि ये सभी क्रिमिनल्स दीपक नांदल गैंग के मेंबर थे और उन्हें विदेश में बैठे अपने आका से निर्देश मिल रहे थे. हरियाणा पुलिस आगे की छानबीन कर रही है.
जानकारी के अनुसार, क्राइम ब्रांच की टीम और दीपक नांदल गैंग के शूटरों के बीच सुशांत लोक फेस-2 इलाके में गुरुवार रात भीषण मुठभेड़ हुई. इस एनकाउंटर में 4 अपराधी मारे गए, जबकि एक अपराधी गंभीर रूप से घायल हो गया. मुठभेड़ में गुरुग्राम पुलिस के तीन पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुए हैं. बताया जा रहा है कि दीपक नांदल के शूटर एसजीटी यूनिवर्सिटी के संस्थापक के बेटे और पार्टनर विशाल बेरी के घर पर फायरिंग करने आए थे. उस समय विशाल बेरी घर पर ही मौजूद थे. इनसे एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई थी.
रंगदारी मांगने का मामला
क्राइम ब्रांच को कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध स्कॉर्पियो गाड़ी में हथियारबंद अपराधी सुशांत लोक इलाके में मौजूद हैं. टीम जब मौके पर पहुंची तो अपराधी विशाल बेरी के घर पर अत्याधुनिक हथियारों से फायरिंग कर रहे थे. बताया जा रहा है कि बेरी को विदेश में बैठे गैंगस्टर दीपक नांदल से रंगदारी के लिए लगातार धमकी भरे संदेश आ रहे थे. क्राइम ब्रांच टीम ने अपराधियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने पुलिस पर ही जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी और भागने की कोशिश की. आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की. पुलिस की फायरिंग में गाड़ी में सवार सभी पांच शूटर घायल हो गए. उन्हें तुरंत एक निजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने 4 अपराधियों को मृत घोषित कर दिया. इस मुठभेड़ में घायल हुए तीन पुलिसकर्मियों को भी तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत स्थिर है और उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. सूचना मिलते ही डीसीपी क्राइम और डीसीपी ईस्ट मौके पर पहुंचे. एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं. मौके से हथियार भी बरामद किए गए हैं.
विदेश से मिल रही थीं धमकियां

सुशांत लोक इलाके में हुए एनकाउंटर को लेकर पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. ACP सदर धर्मवीर सिंह ने बताया कि बदमाशों को विदेश में बैठे गैंगस्टर से निर्देश मिल रहे थे. उन्होंने बताया, ‘शाम को कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि कुछ हथियारबंद बदमाश कार में घूम रहे हैं. इसके बाद क्राइम टीम ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया. इसी दौरान बदमाश एक बड़े व्यापारी के घर में घुस गए. व्यापारी को विदेश में बैठे एक गैंगस्टर की ओर से लगातार धमकियां और रंगदारी के लिए कॉल आ रहे थे. घर में घुसते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी.’ एसीपी सदर धर्मवीर सिंह ने आगे बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बदमाशों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं. इसके बाद दोनों तरफ से गोलियां चलने लगीं.
कौन है गैंगस्टर दीपक नांदल?
गैंगस्टर दीपक नांदल विदेश में रहकर अपने गुर्गों को हरियाणा और अन्य राज्यों में दहशत फैलाने के लिए गुप्त रूप से हथियार और पैसे मुहैया कराता है. STF ने पिछले साल नांदल गिरोह के एक मेंबर को गिरफ्तार किया था. उसे बताया कि जो लोग उसके गुर्गों को पैसे भेजते हैं, वे नांदल के कहने पर सीधे एटीएम बूथ जाकर कैश डिपॉजिट मशीनों में पैसे जमा करते हैं. गैंग के गुर्गे जंगी और सिग्नल ऐप के ज़रिए दीपक नांदल से जुड़े रहते हैं. एसटीएफ ने बताया था कि जब नांदल गैंग के गिरफ्तार गुर्गे के मोबाइल फोन पर हुई बातचीत के रिकॉर्ड की जांच की गई, तो दीपक नांदल द्वारा इस्तेमाल किए गए डिवाइस का आईपी एड्रेस पुर्तगाल का निकला. कुछ सूत्रों का कहना है कि दीपक नांदल इस समय लंदन या दुबई से गिरोह चला रहा है.
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मारे गए 4 में एक टोहाना, तीन रोहतक के, घायल नूंह का
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए चार शूटरों में एक फतेहाबाद के टोहाना का और तीन रोहतक के रहने वाले थे. वहीं, घायल हुए पांचवें शूटर का संबंध नूंह से बताया जा रहा है. सभी की आपराधिक पृष्ठभूमि और गैंग से जुड़ाव की गहनता से जांच की जा रही है. बरामद हथियारों को भी एफएसएल टीम ने कब्जे में ले लिया है.



