
संवाददाता
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुंद्रा पोर्ट ड्रग इंपोर्ट मामले (3000 किलो ड्रग्स) मामले में बड़ा एक्शन लिया है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए ) के तहत चल रही जांच के सिलसिले में दिल्ली में हरप्रीत सिंह तलवार, शमशुद्दीन और उनके साथियों से जुड़े 5 ठिकानों पर छापेमारी की है। इन जगहों पर तलाशी जारी है। बताया जा रहा है कि ड्रग्स से कमाए गए पैसे को दिल्ली के नाइट क्लबों में लगाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, हरप्रीत तलवार को पहले इसी मामले में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार किया था और हाल ही में उन्हें जमानत पर रिहा किया गया था।

अफगानिस्ता से लाई गई थी हेरोइन
बता दें कि साल 2021 में गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से करीब 3000 किलो हेरोइन जब्त की गई थी। बताया गया था कि समुद्री रास्ते से यह हेरोइन अफगानिस्तान से लाई गई। एनआईए ने पहले दिल्ली के बिजनसमैन तलवार से पूछताछ की और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया था। भारी भरकम हेरोइन की खेप की डिलीवरी और खरीद में कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे। रिपोर्टों में दावा किया गया था कि कबीर तलवार अफगान नागरिकों के जरिए ड्रग्स खरीद रहा था और दुबई के रास्ते पैसे भेज रहा था। रिफाइंड ड्रग्स को कथित तौर पर बिजनसमैन द्वारा सर्कुलेट किया जाता था और ड्रग्स का बाकी हिस्सा पंजाब भेजा जाता था।
पहले अरेस्ट किए थे 2 बिजनेसमैन
इससे पहले अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के नेटवर्क में शामिल होने के आरोप में दिल्ली-एनसीआर के दो बिजनसमैन को एनआईए ने गिरफ्तार किया था। इसमें से एक कबीर तलवार दिल्ली के सम्राट होटल में प्लेबॉय बार चलाता है। उसका दिल्ली-एनसीआर में ही नहीं, दुबई में भी रेस्टोरेंट है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हरप्रीत सिंह तलवार उर्फ कबीर तलवार और प्रिंस शर्मा का नाम शामिल था। दोनों दिल्ली के रहने वाले हैं। आरोप है कि दोनों शख्स अफगानिस्तान से भारत लाई गई 3000 किलो हेरोइन की भारी भरकम खेप की तस्करी में शामिल थे।



