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सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर: केंद्रीय सचिवालय स्टेशन पर काम शुरू, ट्रिपल इंटरचेंज से बदलेगी दिल्ली की कनेक्टिविटी

संवाददाता

नई दिल्ली। दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो अब सेंट्रल विस्टा के वैभव को और करीब से जोड़ने की तैयारी में है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने आधिकारिक तौर पर सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर के तहत ‘केंद्रीय सचिवालय’ मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है. यह परियोजना न केवल इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट नमूना होगी, बल्कि यात्रियों के लिए सफर को और भी अधिक सुगम और निर्बाध बनाएगी.

केंद्रीय सचिवालय बनेगा दिल्ली का सबसे अहम हब

केंद्रीय सचिवालय स्टेशन को एक ट्रिपल-इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है. वर्तमान में यह स्टेशन येलो और वायलेट लाइन को जोड़ता है. नई मैजेंटा लाइन के जुड़ने के बाद, यह स्टेशन दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का सबसे महत्वपूर्ण इंटरचेंज हब बन जाएगा.

आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अनुसार, इस कॉरिडोर का उद्देश्य सीधे तौर पर लुटियंस दिल्ली के प्रशासनिक केंद्रों, सरकारी कार्यालयों और राष्ट्रीय स्मारकों तक यात्रियों की पहुंच को सरल बनाना है. मेट्रो का यह विस्तार सरकारी कर्मचारियों और पर्यटकों के लिए वरदान साबित होगा, जिन्हें अब कर्तव्य पथ और आसपास के प्रशासनिक ब्लॉक तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी.

मनोहर लाल ने किया उद्घाटन, विकास को मिली रफ्तार

निर्माण कार्य के शुभारंभ के अवसर पर केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य तथा विद्युत मंत्री मनोहर लाल विशेष रूप से उपस्थित रहे. उन्होंने परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और दिल्ली की यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई. इस दौरान आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव और डीएमआरसी के अध्यक्ष कटिकिथला श्रीनिवास समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.

जानिए क्यों खास है यह परियोजना

मेट्रो के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुज दयाल का कहना है कि इस कॉरिडोर के शुरू होने से न केवल नई दिल्ली के मुख्य हिस्से की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी, बल्कि कनॉट प्लेस से लेकर प्रगति मैदान तक ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा. यह रूट न्यायिक संस्थानों, राष्ट्रीय स्मारकों और कन्वेंशन सेंटर्स को आपस में जोड़ेगा, जिससे ‘भारत मंडपम्’ जैसे स्थानों पर आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान आने वाले प्रतिनिधियों और आम नागरिकों के लिए आवाजाही बेहद आसान हो जाएगी.

अनुज दयाल ने बताया कि निर्माण कार्य अत्याधुनिक तकनीकों के साथ किया जा रहा है ताकि ऐतिहासिक इमारतों और आसपास के बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान न पहुंचे. डीएमआरसी का लक्ष्य इस जटिल परियोजना को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करना है, ताकि दिल्लीवासियों को विश्वस्तरीय सुविधा मिल सके.

यह स्टेशन दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का सबसे महत्वपूर्ण इंटरचेंज हब बन जाएगा- मेट्रो के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुज दयाल

9.9 किमी लंबा कॉरिडोर, 9 अत्याधुनिक स्टेशन

यह 9.913 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर मैजेंटा लाइन के विस्तार (जनकपुरी वेस्ट – आर.के. आश्रम मार्ग) का एक हिस्सा है. इस कॉरिडोर में कुल 9 भूमिगत (अंडरग्राउंड) स्टेशन होंगे.

 

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