
संवाददाता
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन का मंगलवार को चौथा दिन है. पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी इस धरने को अब शिक्षकों और शिक्षाविदों का भी समर्थन मिलने जा रहा है.
दोपहर 3 बजे कई शिक्षाविद होंगे शामिल
मंगलवार दोपहर 3 बजे जंतर-मंतर पर विभिन्न शिक्षक संगठनों की ओर से एकजुटता सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें देश के कई प्रमुख शिक्षक नेता और शिक्षाविद शामिल होंगे. आयोजकों का कहना है कि छात्रों की आवाज को मजबूत करने और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने के लिए शिक्षक समुदाय भी अब खुलकर आंदोलन के साथ खड़ा हो रहे हैं.
चौथे दिन भी जारी है धरना
जंतर-मंतर पर चल रहा यह आंदोलन लगातार चौथे दिन भी जारी है. प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. आंदोलन में शामिल छात्र, अभिभावक और सामाजिक संगठन लगातार अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं.
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की जनरल सेक्रेटरी दानिश अली ने कहा कि जब तक हमारी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तबतक आंदोलन जारी रहेगा. पिछले तीन दिनों में धरना स्थल पर कई छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने पहुंचकर समर्थन दिया है.

शिक्षकों की एकजुटता सभा आज
मंगलवार दोपहर 3 बजे आयोजित होने वाली सभा का मुख्य उद्देश्य छात्रों के आंदोलन के प्रति एकजुटता दिखाना है. कार्यक्रम के पोस्टर में “पेपर लीक के खिलाफ धरने के समर्थन में एकजुटता सभा” का आह्वान किया गया है.
धरने में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (JNUTA) के सचिव अविनाश कुमार, फेडरेशन ऑफ सेंट्रल यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (FEDCUTA) के अध्यक्ष अख्तर हुसैन, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन (AIFUCTO) के कोषाध्यक्ष मोजपाल सिंह, शिक्षाविद अनीता रामपाल और डीटीआई के सदस्य गोपाल प्रधान अपने विचार रखेंगे. इन वक्ताओं के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों, परीक्षा प्रणाली की चुनौतियों और छात्रों की समस्याओं पर चर्चा की जाएगी. साथ ही आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर भी विचार किया जा सकता है.
पेपर लीक के खिलाफ बढ़ रहा विरोध
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है. कई परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं, जिससे छात्रों को मानसिक, आर्थिक और शैक्षणिक नुकसान झेलना पड़ा. धरने में शामिल लोगों का आरोप है कि बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों के बावजूद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है. इसी कारण छात्रों और युवाओं में नाराजगी बढ़ी है.
आंदोलन को मिल रहा व्यापक समर्थन
जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन को अब केवल छात्रों का नहीं बल्कि शिक्षकों, शिक्षाविदों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है. आयोजकों को उम्मीद है कि चौथे दिन होने वाली शिक्षक सभा से आंदोलन को और मजबूती मिलेगी.



