
संवाददाता
गाजियाबाद । भीषण गर्मी में ग्रामीण और कस्बों के सापेक्ष शहरी क्षेत्र के फीडर अधिक ओवरलोड चल रहे हैं। शहर के 45 प्रतिशत फीडर ओवरलोड हैं। ओवरलोड के कारण छोटे-बड़े फाल्ट लोगों के लिए आफत बने हुए हैं। इससे शहर के लाखों लोगों को अंधाधुंध बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है।
जिले के शहरी क्षेत्रों में 447 फीडर से बिजली आपूर्ति हो रही है। वर्तमान में इनमें से करीब 200 फीडर ओवरलोड चल रहे हैं। फीडर ओवरलोड होने के कारण कभी लाइन में फाल्ट तो कभी ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या 33 केवी लाइन फेल होने की हो रही है।
वहीं कई फीडर ऐसे भी हैं जिन पर क्षमता के सापेक्ष लोड बहुत कम है। अगर विद्युत निगम समय रहते ओवरलोड फीडरों से उपभोक्ताओं को हटाकर कम लोड वाले फीडरों पर ट्रांसफर कर देता तो ये मुसीबत नहीं झेलनी पड़ती।
जिले के गांवों में 96 फीडरों से विद्युत आपूर्ति होती है। इनमें से 32 प्रतिशत फीडर ओवरलोड हैं। कस्बों के 132 में से 35 प्रतिशत फीडर ओवरलोड हैं। हालांकि विद्युत निगम फीडर लोड की समस्या को दूर करने के लिए कार्य करने का दावा कर रहा है।
औद्योगिक क्षेत्रों में 91 फीडर से बिजली आपूर्ति होती है। इन क्षेत्रों के 27 फीडर ओवरलोड चल रहे हैं। इससे फाल्ट के कारण कभी भी बिजली गुल हो जाती है। बिजली कटने पर उद्यमियों का बड़ा नुकसान हो जाता है। उद्यमी अशोक चौधरी ने बताया कि बिजली कटने पर उत्पादन की लागत बढ़ जाती है। क्योंकि जेनरेटर चलाना पड़ता है। कई बार कच्चा माल खराब हो जाता है।
| क्षेत्र | कुल फीडर | ओवरलोड |
|---|---|---|
| देहात | 96 | 33 |
| तहसील | 132 | 46 |
| नगरीय | 447 | 201 |
| औद्योगिक | 91 | 27 |
रोजाना अंधाधुंध कटौती हो रही है। जब भी शिकायत करते हैं अधिकारी ओवरलोड की समस्या बना देते हैं। स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
-राजेश कुमार यादव, शिक्षा निकेतन सोसायटी, वसुंधरा सेक्टर-पांच
एक तरफ भीषण गर्मी पड़ रही है, दूसरी ओर बिजली कटौती ने परेशान कर रखा है। घर के सभी कार्य भी प्रभावित हो जाते हैं।
-प्रिया भाटी, निवासी, वसुंधरा।
शहर में भी गांवों की तरह बिजली कटौती हो रही है। स्थिति ये है कि घरों में रहना तक मुश्किल हो रहा है। रात में कभी भी बिजली गुल हो जाती है।
-पंकज खंडेलवाल, निवासी, वैशाली।
जिन क्षेत्रों के फीडर ओवरलोड हैं उनका लोड कम किया जा रहा है। उपभोक्ताओं को दूसरे फीडर से जोड़ा जा रहा है। आने वाले दिनों में ये समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।
-बृजेश कुमार, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम जोन-तीन।



