
संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की शाहदरा जिला साइबर थाना टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मास्टरमाइंड समेत 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह देशभर के बेरोजगार और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ और ‘हाई सैलरी पार्ट-टाइम जॉब’ का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था. पुलिस जांच में अब तक करीब 8 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ है.
पुलिस के मुताबिक, 25 अप्रैल 2026 को गीता कॉलोनी स्थित गोल्डन पेटल होटल में संदिग्ध गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी. इसके बाद एसीपी (ऑप्स) मोहिंदर सिंह के मार्गदर्शन और एसएचओ विजय कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर श्वेता शर्मा की टीम गठित की गई। टीम ने होटल के अलग-अलग कमरों में छापेमारी की, जहां मौजूद 12 संदिग्ध पुलिस को देखकर घबरा गए. पूछताछ में उन्होंने खुद को संगठित साइबर ठगी सिंडिकेट का हिस्सा बताया. आगे की जांच में पंजाब के लुधियाना से गिरोह के मास्टरमाइंड प्रदीप उर्फ अल्फा और उसके साथी गवी को भी गिरफ्तार कर लिया गया.
देते थे घर बैठे कमाई का लालच
जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और जॉब पोर्टल्स के जरिए लोगों को घर बैठे कमाई का लालच देते थे. शुरुआती बातचीत के बाद वे पीड़ितों को व्हाट्सएप से टेलीग्राम पर ले जाते थे ताकि पुलिस की निगरानी से बच सकें. पहले छोटे-छोटे टास्क देकर कुछ पैसे ट्रांसफर किए जाते थे, जिससे लोगों का भरोसा जीत लिया जाता था. बाद में, रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट और निवेश के नाम पर लाखों रुपये अलग-अलग बैंक खातों में जमा करा लिए जाते थे. पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह DingSMS जैसे मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल कर पीड़ितों के फोन पर आने वाले OTP तक इंटरसेप्ट कर लेता था. मास्टरमाइंड प्रदीप लुधियाना से APK फाइल वाले मोबाइल फोन कुरियर के जरिए दिल्ली भेजता था, जिनका इस्तेमाल फर्जी ट्रांजेक्शन में किया जाता था.

एक खाते में 1.5 करोड़ रुपये से जुड़ी 40 शिकायतें
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 18 मोबाइल फोन, 19 सिम कार्ड, 3 एटीएम कार्ड, 4 चेकबुक, 2 मुहरें और एक लैपटॉप बरामद किया. जांच में कई बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन का पता चला है. एक खाते में 1.5 करोड़ रुपये से जुड़ी 40 शिकायतें दर्ज मिलीं, जबकि एक आरोपी के एटीएम कार्ड से 3 करोड़ रुपये की ठगी का संबंध सामने आया. डीसीपी शाहदरा आर.पी. मीणा ने बताया कि गिरोह लगातार होटल बदलकर अपना ठिकाना बदलता रहता था. पुलिस अब मनी ट्रेल और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है, साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ठगी की रकम विदेशों में तो नहीं भेजी गई.



