
संवाददाता
नई दिल्ली । जेडीयू ने बनाई नई टीम, संजय झा बने रहेंगे राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष: नीतीश कुमार के बेटे निशांत को नहीं मिली जगह
जनता दल (यूनाइटेड) ने बिहार में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे और नई सरकार के गठन के बाद अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी पदाधिकारियों की लिस्ट जारी की है। पार्टी ने संजय झा को फिर से राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। वहीं, नीतीश कुमार जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे।
जेडीयू की इस लिस्ट में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम नहीं है। गौरतलब है कि निशांत 3 मई से बिहार की यात्रा पर निकलने वाले हैं और अटकलें थीं कि उन्हें पार्टी संगठन में शामिल किया जा सकता है। पहले जेडीयू में 3 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थे और अब उन्हें हटाकर केवल पूर्व सांसद चंद्रेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे मनीष रंजन और श्याम रजक को पार्टी ने महासचिव बनाया है। नई टीम के गठन के जरिए पार्टी ने संगठन में संतुलन बनाए रखने और विभिन्न क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने पर विशेष जोर दिया है।
कुल 24 नेताओं के नाम की लिस्ट जारी की है। कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा अपने पद पर बने रहेंगे। खास बात यह कि हाल में पार्टी में आए नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को पार्टी में जगह नहीं मिली है।
14 को महासचिव की जिम्मेदारी
सूची के अनुसार पूर्व सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, गोपालगंज सांसद आलेाक कुमार सुमन को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सोंपी गई है।
इनके अलावा 12 नेताओं को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। इनमें मनीष वर्मा, विधान पार्षद आफाक अहमद खां, श्याम रजक, अशोक चौधरी, पूर्व विधायक रमेश सिंह कुशवाहा, विधायक रामसेवक सिंह के नाम हैं।
इनके अलावा कहकशां परवीन, कपिल हरिश्चंद्र पाटिल, राज सिंह मान, सुनील कुमार उर्फ इंजीनियर सुनील, हर्षवर्धन सिंह और मौलाना गुलाम रसूल बलियावी शामिल हैं।
लिस्ट में दो अल्पसंख्यक भी
पार्टी ने सामाजिक संतुलन पर भी फोकस किया है। अल्पसंख्यक चेहरे के रूप में गुलाम ररूल बलियावी और कहकशां परवीन को जगह मिली है। राजीव रंजन प्रसाद प्रवक्ता सह सचिव बनाए गए हैं।
सचिव पद पर विधान पार्षद रविंद्र प्रसाद सिंह, विद्यासागर निषाद, दयानंद राय, संजय कुमार, मो निसार, रूही तगुंग एवं निवेदिता कुमारी को मनोनीत किया गया है।
इस सूची की सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा यह है कि निशांत कुमार को पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है, जबकि हाल के दिनों में उनके सक्रिय होने की चर्चा तेज थी।



