
सुनील वर्मा
नई दिल्ली । एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स और केरल इलेक्शन वॉच ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 में चुनाव लड़ने वाले 883 में से 863 उम्मीदवारों के शपथ पत्रों का विश्लेषण किया है। 20 उम्मीदवारों का विश्लेषण शपथ पत्र खराब होने के कारण नहीं किया गया। 863 में से 375 राष्ट्रीय दलों से, 81 राज्य दलों से, 145 गैर मान्यता प्राप्त दलों से और 282 निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
एडीआर के मुताबिक जिन 863 उम्मीदवारों के शपथ पत्रों का विष्लेषण किया गया उनमें से 324 यानी 38 फीसदी उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। जबकि 2021 के चुनाव में 929 में से 355 यानी 38 फीसदी उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक 201 यानि 23 फीसदी उम्मीदवारों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। जबकि केरल विधानसभा चुनाव 2021 में 167 यानि 18 फीसदी उम्मीदवारों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किया थे।
एडीआर ने बताया, कांग्रेस के 85 में से 72 यानि 85 फ़ीसदी, बीजेपी के 93 में से 59 यानि 63 फ़ीसदी, सीपीएम के 77 में से 51 यानि 66 फ़ीसदी, आईयूएमएल के 25 में से 21 यानि 84 फ़ीसदी, सीपीआई के 24 में से 13 यानि 54 फ़ीसदी, केरल कांग्रेस (एम) के 12 में से 5 यानि 42 फ़ीसदी, केरल कांग्रेस के 8 में से 6 यानि 75 फीसदी और उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
कांग्रेस के 85 में से 60 यानि 71 फीसदी, बीजेपी के 93 में से 39 यानि 42 फीसदी, सीपीएम के 77 में से 21 यानि 27 फीसदी, आईयूएमएल के 25 में से 13 यानि 52 फीसदी सीपीआई के 24 में से 2 यानि 8 फीसदी, केरल कांग्रेस (एम) के 12 में से 2 यानि 17 फ़ीसदी, केरल कांग्रेस के 8 में से 4 यानि 50 फ़ीसदी और एनसीपी, केरल कांग्रेस (बी) और केरल कांग्रेस जैकब के सभी एक उम्मीदवार ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
15 उम्मीदवारों ने महिलाओं के ऊपर अत्याचार से संबंधित मामले घोषित किए हैं। इन 15 में से एक उम्मीदवार ने अपने ऊपर रेप से संबंधित मामला घोषित किया है। चार उम्मीदवारों ने अपने ऊपर हत्या से संबंधित मामले घोषित किए हैं। 13 उम्मीदवारों ने अपने ऊपर हत्या के प्रयास से संबंधित मामले घोषित किए हैं।
चुनाव में धनबल की भूमिका इस बात से स्पष्ट होती है कि सभी प्रमुख राजनीतिक दल धनी उम्मीदवारों को टिकट देते हैं । कांग्रेस के 85 में से 61, बीजेपी के 93 में से 52, सीपीएम के 77 में से 52, एयूएमएल के 25 में से 21, सीपीआई के 24 में से 12 केरल कांग्रेस (एम) के 12 में से 11, केरल कांग्रेस के 8 में से 8, एनसीपी शरद पवार के 3 में से 2 , केरल कांग्रेस (बी) के 1 में से 1 और केरल कांग्रेस जैकब के 1 उम्मीदवार ने अपने ऊपर एक करोड़ से अधिक की संपत्ति होने का ऐलान किया है।
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक 863 उम्मीदवारों की कुल संपत्ति 2403 करोड रुपए है। यानि उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 2.78 करोड रुपए है । जबकि 2021 के विधानसभा चुनाव में 928 उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 1.69 करोड़ थी।
करोड़पति उम्मीदवारों में बीजेपी के 93 उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 5.7 करोड़ है। जबकि कांग्रेस के 85 उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 3. 93 करोड़, सीपीएम के 77 उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 2.3 करोड़, आईयूएमएल के 25 उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 6.64 करोड़, सीपीआई के 14 उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 1.6 करोड़, केरल कांग्रेस (एम) के 12 उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 10.44 करोड़, केरल कांग्रेस के 8 उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 39.64 करोड़ और एनसीपी शरद पवार के तीन उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 3.14 करोड़ है। एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक 6 निर्दलीय और 2 बीएसपी उम्मीदवारों की संपत्ति शून्य बताई गई है।
केरल में इस बार 104 विधायक दोबारा विधानसभा चुनाव लड़ रहे है। इन 104 विधायकों की औसतन संपत्ति में 2021 से 2026 तक 74.36 लाख की वृद्धि हुई।



