
संवाददाता
नई दिल्ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट में रविवार को हर साल की तरह राजधानी दिल्ली में स्थित केंद्र सरकार के अस्पतालों के लिए अलग से बजट का ऐलान किया. इनमें सबसे ज्यादा बजट दिल्ली एम्स को आवंटित किया गया है. इसके अलावा सफदरजंग, आरएमएल अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, सुचेता कृपलानी अस्पताल और कलावती सरन चिल्ड्रेन अस्पताल को भी बजट दिया गया है. इन छह अस्पतालों में से आरएमएल को छोड़कर बाकी पांच अस्पतालों का बजट पिछले साल की तुलना में बढ़ाया गया है, जबकि आरएमएल के बजट में कटौती की गई है.
दिल्ली एम्स को मिला 5200 करोड़ का फंड
केंद्रीय बजट में एम्स दिल्ली के लिए 5,200 करोड़ का आवंटन किया गया है, जिसे राष्ट्रीय राजधानी के स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती के लिए अहम माना जा रहा है. इस फंड से एम्स अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं के विस्तार, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद, शोध कार्यों को बढ़ावा देने और मरीजों की बढ़ती संख्या को बेहतर ढंग से संभालने में किया जाएगा.
दिल्ली एम्स में हर साल 20 लाख मरीजों को ओपीडी में इलाज
बता दें कि दिल्ली एम्स में हर साल देश के कोने कोने से करीब 20 लाख मरीज ओपीडी में इलाज कराने आते हैं और कई लाख लोग इलाज के लिए भर्ती भी होते हैं. दिल्ली एम्स पर दिन प्रतिदिन मरीजों का लोड बढ़ता ही जा रहा है. इससे एम्स के संसाधन भी मरीजों के लिए कम पड़ते दिखाई देते हैं. अब एम्स के बढ़े हुए बजट से यहां सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं व मेडिकल रिसर्च को मजबूत करने की दिशा में और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे.
पिछले साल की तुलना में पांच अस्पतालों को 884 करोड़ रुपए ज्यादा मिला फंड
एम्स दिल्ली को वित्त वर्ष 2025-26 में 4,523 करोड़ और 2023-24 में 4,134.67 करोड़ मिला था. 2023-24 के मुकाबले 2024-25 में लगभग 397 करोड़ की वृद्धि की गई थी. लगातार बढ़ता बजट एम्स के लिए साधन क्षमता, उपकरण वृद्धि, विशेषज्ञ स्टाफ की भर्ती, बेड और आईसीयू बेड जैसी सुपरस्पेशलिटी तथा अनुसंधान सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में मदद करता है.

केंद्र सरकार के पांचों अस्पतालों को मिला फंड
सफदरजंग अस्पताल को 2,179.58 करोड़, राम मनोहर लोहिया अस्पताल को 1,458.26 करोड़, लेडी हार्डिंग एवं सुचेता कृपलानी अस्पताल को 800 करोड़, कलावती सरन चिल्ड्रेन अस्पताल के लिए 183.16 करोड़ का बजट में प्रावधान किया गया है. दिल्ली स्थित केंद्र सरकार के इन पांचों अस्पतालों को इस बार मिला कुल बजट लगभग 9,821 करोड़ है, जो पिछले वर्ष 2024-25 के 8,937 करोड़ से 884 करोड़ अधिक है. यह बढ़ोतरी दिल्ली के अस्पतालों के मैनपावर और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगी.



