
संवाददाता
बेंगलुरु । तीन नवंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक प्रदेश इकाई के अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने राज्य में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ अपनी टिप्पणी के लिए मंगलवार को माफी मांगी और कहा कि उन्होंने कुछ शब्दों का इस्तेमाल गुस्से में किया था और उनका किसी को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। यह घटनाक्रम बेंगलुरु में उनके पिता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा के आवास पर विजयेंद्र के खिलाफ पोस्टर लगाए जाने के बाद सामने आया है। डॉलर्स कॉलोनी स्थित येदियुरप्पा के आवास की चारदीवारी पर विजयेंद्र की आलोचना करते हुए एक पोस्टर चिपकाया गया था।
इसे कांग्रेस नेताओं के खिलाफ उनकी हालिया टिप्पणी का परोक्ष तौर पर जवाब माना गया था। बाद में कर्मचारियों ने पोस्टर हटा दिया। विजयेंद्र ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कोलार में पत्रकारों से कहा, मैं स्वीकार करता हूं कि मैंने दावणगेरे में कुछ शब्दों का इस्तेमाल किया था, लेकिन ऐसा जानबूझकर नहीं किया।
यदि मेरे शब्दों से कांग्रेस नेताओं को ठेस पहुंची है, तो मैं माफी मांगता हूं। उन्होंने कहा कि राज्य में युवाओं की बेरोजगारी और आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार के रवैये से वह क्षुब्ध थे। उन्होंने कहा, आमतौर पर मैं सार्वजनिक मंचों पर या किसी भी परिस्थिति में ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करता।
उन्होंने कहा, यदि मेरे शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं निश्चित रूप से माफी मांगता हूं। मैंने जानबूझकर उन शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया था। मैं पहले ही स्पष्ट कर चुका हूं कि मैं आमतौर पर इस तरह नहीं बोलता और न ही कभी ऐसी भाषा का इस्तेमाल करता हूं।
विजयेंद्र ने दावणगेरे में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए उस पर वंचित और पिछड़े समुदायों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था, यदि कांग्रेस के इन लोगों में जरा भी सम्मान या आत्मसम्मान होता, तो वे कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष आरक्षण से जुड़े मामले की ठीक से पैरवी करते।
इसके बजाय कांग्रेस सरकार केवल नाटक और छल में लगी रही और अदालत में अपना पक्ष सही ढंग से रखे बिना उसने अब वंचित और पिछड़े समुदायों के साथ अन्याय किया है।



