
संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मेरठ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 6 कर्मचारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है. जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने सभी संबंधित कर्मचारियों की एक वेतनवृद्धि रोकने और उनके खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं. निर्वाचन कार्य में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं. चुनाव ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों में राज्य कर विभाग के दो अधिकारी, बेसिक शिक्षा विभाग के दो कर्मचारी और लोक निर्माण विभाग के दो कर्मचारी शामिल हैं.
पोलिंग पार्टियों की रवानगी के दौरान अनुपस्थित मिले कर्मचारी
मेरठ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन को सकुशल संपन्न कराने के लिए 22 अक्टूबर 2026 को गाजियाबाद के राजनगर स्थित इंद्रप्रस्थ इंटर कॉलेज से पोलिंग पार्टियों को रवाना किया गया था. इस दौरान चुनाव ड्यूटी के लिए निर्धारित 6 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए. निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में कर्मचारियों की गैरमौजूदगी को प्रशासन ने गंभीरता से लिया और उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए.
सहायक आयुक्त समेत 6 कर्मचारियों पर कार्रवाई
चुनाव ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों में राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त पंकज कुमार सिंह और राहुल कुमार शामिल हैं. दोनों को पीठासीन अधिकारी के रूप में तैनात किया गया था. वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग के अमित कश्यप और अनिल कुमार मतदान अधिकारी प्रथम के रूप में ड्यूटी पर नहीं पहुंचे. इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के कुंवर पाल सिंह और अनुज कुमार भी मतदान अधिकारी तृतीय के रूप में अनुपस्थित पाए गए.
निर्वाचन कार्य में लापरवाही पर प्रशासन सख्त
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन संबंधी दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए. चुनाव ड्यूटी से अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसी के मद्देनजर संबंधित कर्मचारियों की एक वेतनवृद्धि रोकने और उनके खिलाफ FIR दर्ज कराने की कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं. प्रशासन की इस कार्रवाई को निर्वाचन ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के लिए सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है.



