
संवाददाता
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से जुड़े कई प्रतिबंधों, पाबंदियों और टैरिफ में छूट देने का फैसला किया है. ट्रंप ने एक आदेश जारी कर यह जानकारी दी. ये प्रतिबंध और शुल्क उस कानून के तहत लागू होने थे, जिस पर ट्रंप ने पिछले महीने दस्तखत किए थे. हालांकि, इनके लागू होने से कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने कई नियमों में छूट दे दी. ट्रंप के इस फैसले से भारत, चीन समेत कई देशों को राहत मिली है.
व्हाइट हाउस की ओर से जारी आदेश में ट्रंप ने कहा, ‘मैंने संसद को एक प्रमाण-पत्र सौंपा है कि इस समय इस तरह की छूट देना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है.’ ट्रंप का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब रूस को लेकर उनका रुख नरम होता दिखाई दे रहा है. वहीं, वह यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की सार्वजनिक रूप से आलोचना कर रहे हैं. ट्रंप ने यह भी कहा है कि यूक्रेन को नया नेता चुनने की जरूरत है.
रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर लग सकता था 100% तक टैरिफ
इस कानून को अमेरिकी संसद में आगे बढ़ाने वाले प्रमुख नेता सीनेटर लिंडसे ग्राहम थे. उनका निधन हो चुका है. ट्रंप ने सितंबर में ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ नाम के कानून पर दस्तखत किए थे. इस कानून के तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर आर्थिक दबाव बनाने की तैयारी थी. इसके मुताबिक, रूस से कच्चा तेल या गैस खरीदने वाले पांच सबसे बड़े देशों से अमेरिका आने वाले सामान पर 30 दिनों के भीतर 100% तक टैरिफ लगाया जा सकता था.
यह नियम उन देशों पर भी लागू हो सकता था, जो कानून बनने के 30 दिन बाद भी जानबूझकर रूस से तेल या गैस खरीदते. इसके अलावा, रूस को प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले पांच प्रमुख देशों पर भी यह कार्रवाई हो सकती थी.
भारत समेत कई देशों ने जताई थी चिंता
भारत रूस से तेल खरीदने वाले दुनिया के बड़े देशों में शामिल है. इसलिए भारत, चीन समेत कई देशों ने इस कानून को लेकर चिंता जताई थी. अगर इन देशों से अमेरिका आने वाले सामान पर 100% तक टैरिफ लगाया जाता, तो उनके अमेरिकी बाजार में कारोबार पर असर पड़ सकता था. रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीदने वाले देशों में चीन, भारत, अजरबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया हैं.
ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रीय हित का दिया हवाला
व्हाइट हाउस की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी संसद को बताया है कि इस समय छूट देना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है. इस तरह ट्रंप ने कानून के तहत लागू होने वाले कई प्रतिबंधों और शुल्कों को प्रभावी होने से पहले ही छूट दे दी. हालांकि, उपलब्ध बयान में यह नहीं बताया गया है कि किन-किन प्रतिबंधों और शुल्कों को छूट दी गई है.



