संवाददाता
नई दिल्ली । यूपीआई से भुगतान करने वाले कारोबारियों को दिवाली तक राहत मिलेगी. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की यूपीआई और सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का फैसला दिवाली के बाद तक टाल दिया है. NPCI के मुताबिक, MDR लागू करने की नई तारीख अलग से घोषित की जाएगी. यह फैसला त्यौहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. MDR के तहत चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर कारोबारियों से चार्ज लिया जाएगा, जबकि आम लोगों के बीच होने वाले UPI पेमेंट पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.
कब लागू होने वाला था यूपीआई पर MDR चार्ज?
यह नियम पहले 15 अक्टूबर से लागू होने वाला था. NPCI ने यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) से जुड़ा नया फ्रेमवर्क जारी किया था. इसके तहत शेयर बाजार और निवेश से जुड़े कुछ लेनदेन पर चार्ज लगाया जाएगा. इन लेनदेन पर 0.02% MDR लगेगा. उदाहरण के लिए, 1 लाख रुपये के लेनदेन पर 20 रुपये और 10 लाख रुपये के लेनदेन पर 200 रुपये चार्ज देना होगा. वहीं, 15 लाख रुपये या इससे ज्यादा के लेनदेन पर अधिकतम 300 रुपये चार्ज तय किया गया है.
किन प्लेटफॉर्म पर लगेगा नया चार्ज?
नए MDR फ्रेमवर्क के तहत म्यूचुअल फंड, स्टॉक ब्रोकर, सिक्योरिटी डीलर और निवेश से जुड़े प्लेटफॉर्म पर होने वाले चुनिंदा UPI लेनदेन पर शुल्क लग सकता है. यानी अगर कोई व्यक्ति यूपीआई के जरिए शेयर खरीदता है, म्यूचुअल फंड में निवेश करता है या ब्रोकर के माध्यम से लेनदेन करता है, तो उस पर MDR लागू हो सकता है. यह चार्ज लेनदेन की राशि और संबंधित नियमों के आधार पर तय होगा.
2,000 रुपये तक के यूपीआई लेनदेन पर MDR नहीं लगेगा. इसके अलावा, आम लोगों के बीच होने वाले व्यक्तिगत पैसे के लेनदेन (person to person) पर भी कोई चार्ज नहीं लगेगा. रोजमर्रा की खरीदारी से जुड़े ज्यादातर UPI भुगतान भी इस चार्ज के दायरे से बाहर हैं. हालांकि, सभी मर्चेंट पेमेंट पूरी तरह चार्ज फ्री नहीं बताए गए हैं.
NPCI के नए नियमों के मुताबिक, ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा यूपीआई मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा. इसमें व्यक्ति से व्यापारी यानी P2M लेनदेन शामिल हैं. इस चार्ज का भुगतान नियमों के अनुसार कारोबारियों को करना पड़ सकता है. हालांकि, हर ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर यह चार्ज लगेगा, ऐसा नहीं है. चार्ज उन्हीं लेनदेन पर लागू होगा जो तय नियमों के दायरे में आएंगे.
रेलवे, टेलीकॉम और फ्यूल सेक्टर के लिए अलग दर
रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और फ्यूल जैसे कुछ सेक्टर के लिए अलग शुल्क दर तय किए जाने की जानकारी दी गई है. इन क्षेत्रों में चुनिंदा लेनदेन पर 5 रुपये का फ्लैट MDR लागू हो सकता है. इसमें टिकट बुकिंग, मोबाइल रिचार्ज, बीमा प्रीमियम और पेट्रोल-डीजल भुगतान जैसी सर्विसेस शामिल हो सकती हैं.