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दिल्ली में बंदिशों पर बोला सुप्रीम कोर्ट- पूरे शहर से बैरिकेडिंग हटे, मेट्रो चले और इंटरनेट बंद नहीं होना चाहिए

संवाददाता

नई दिल्ली। दिल्ली में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी के प्रदर्शन को रोकने के लिए लगाई बंदिशों पर सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को बड़ी टिप्पणी की. अदालत ने कहा कि पूरे शहर से बैरिकेडिंग हटनी चाहिए. इसकी बहुत जरूरत होने पर ही कहीं लगाया जाए. इसके अलावा शीर्ष अदालत ने मेट्रो के सामान्य संचालन की बात भी की. बेंच ने कहा कि दिल्ली में कहीं भी इंटरनेट बंद न किया जाए. अदालत ने इस दौरान यह भी कहा कि हमने पहले भी कहा था कि मेट्रो के संचालन पर रोक न लगे. इस पर आपने 57 स्टेशनों की बजाय 45 को ही बंद किया, लेकिन स्टेशन बंद रहे.

इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि 303 में से सिर्फ 45 स्टेशन बंद थे. अब सभी स्टेशन खुले हैं और मेट्रों का संचालन सुचारू रूप से चल रहा है. वहीं अदालत ने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था सही रहनी चाहिए और चीजें बिगड़ती हैं तो ऐसे फैसले लिए जा सकते हैं. बता दें दिल्ली मेट्रो स्टेशन और ट्रेनें निरस्त करने के लिए याचिका लगाई गई थी. जिसमें गृह सचिव गोविंद मोहन, दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार और दिल्ली मेट्रो के चेयरपर्सन डी थारा के खिलाफ यह याचिका लगी थी. इसके अलावा दूसरी जो याचिका थी, उसमें विपक्षी नेताओं की हिरासत को चुनौती दी गई थी.

दिल्ली में तुरंत हटाए जाए बैरिकेडिंग

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में लगे बैरिकेडिंग हटाने के निर्देश तुरंत दिए गए हैं. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि शहर भर में लगे बैरिकेड्स हटा दिए जाने चाहिए, जब तक कि उनकी बहुत ज्यादा जरूरत न हो. जबकि मेट्रो सामान्य शेड्यूल के हिसाब से चलनी चाहिए, बशर्ते कानून-व्यवस्था की स्थिति (आर्टिकल 19(2) के तहत) ठीक हो. शहर में इंटरनेट सेवा सामान्य की जानी चाहिए. लोगों की आवाजाही सामान्य होनी चाहिए, हालांकि कानून-व्यवस्था की स्थिति के हिसाब से नियम लागू हो सकते हैं.

दिल्ली मेट्रो को लेकर मांगा जवाब

दिल्ली मेट्रो रेल से जुड़े अवमानना ​​के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा ‘हमने आपकी दलील देख ली है. हमें यह भी पता है कि हमने उनसे मंगलवार तक स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी. हम यह करने का प्रस्ताव रखते हैं कि राज्य और जिन पर अवमानना ​​का आरोप है, उनसे आपकी याचिका और स्टेटस रिपोर्ट पर जवाब दाखिल करने को कहा जाए. अब इस मामले में दिल्ली मेट्रो की तरफ से जवाब मांगा गया है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली मेट्रो से नक्शा भी मांगा है. कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेट्रो सेवाएं सामान्य समय-सारणी के हिसाब से ही चलेगी.

दिल्ली के इन 30 रास्तों पर रहेगा ट्रैफिक का असर

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक रविवार सुबह 6 बजे से नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के करीब 30 प्रमुख चौराहों और सड़क मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है. इनमें ये प्रमुख स्थान शामिल हैं:

  • शंकर रोड-वंदे मातरम टी-पॉइंट
  • धौला कुआं फ्लाईओवर
  • झंडेवालान और पंचकुइयां गोलचक्कर
  • मंडी हाउस गोलचक्कर
  • मिंटो रोड और दीन दयाल उपाध्याय मार्ग
  • गुरु नानक चौक
  • चेम्सफोर्ड रोड-कनॉट प्लेस आउटर सर्किल टी-पॉइंट
  • लोधी रोड फ्लाईओवर और नीला गुंबद गोलचक्कर
  • सरदार पटेल मार्ग-पंचशील मार्ग क्रॉसिंग
  • भीकाजी कामा प्लेस और मोती बाग फ्लाईओवर के नीचे का रास्ता
  • अशोक रोड-जंतर-मंतर रोड गोलचक्कर
  • विंडसर पैलेस गोलचक्कर
  • टॉलस्टॉय-जनपथ क्रॉसिंग
  • रेल भवन गोलचक्कर
  • जय सिंह रोड-संसद मार्ग क्रॉसिंग
  • गोल डाकखाना और पटेल चौक गोलचक्कर
  • आरएमएल अस्पताल गोलचक्कर
इनके अलावा कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल पर बाराखंभा रोड और संसद मार्ग की ओर जाने वाले रास्तों पर भी असर पड़ सकता है. ट्रैफिक पुलिस ने कहा है कि मौके की स्थिति के मुताबिक व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है.

एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वाले ध्यान दें

अगर आपको एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या अंतरराज्यीय बस अड्डे तक पहुंचना है तो सामान्य से पहले निकलना बेहतर रहेगा. ट्रैफिक डायवर्जन के कारण सफर में ज्यादा समय लग सकता है. पुलिस ने प्रभावित इलाकों में गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है. घर से निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट देख लें और संभव हो तो वैकल्पिक रास्ता चुनें.

सुप्रीम कोर्ट में भी होगी सुनवाई

मेट्रो और रेल सेवाओं पर लगी पाबंदियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों ने सार्वजनिक परिवहन पर व्यापक रोक के संबंध में अदालत के आदेश का पालन नहीं किया. याचिकाकर्ता का दावा है कि प्रतिबंधों के कारण यात्रियों को परेशानी हुई और ट्रैफिक एडवाइजरी का पर्याप्त प्रचार नहीं किया गया. ये याचिका में लगाए गए आरोप हैं. इन पर अदालत का फैसला आना बाकी है. सुप्रीम कोर्ट में शनिवार के प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए विपक्षी नेताओं और अन्य लोगों से जुड़ी याचिका पर भी सुनवाई होनी है. रविवार को अदालत की सुनवाई और दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े फैसलों पर आगे की स्थिति निर्भर कर सकती है.

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