
संवाददाता
गाजियाबाद । गाजियाबाद में अवस्थाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर ‘जेन अल्फा’ (Gen Alpha) यानी स्कूली छात्रों के प्रदर्शनों के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है. अपने प्रदर्शनों के दौरान ‘जेन अल्फा’ ने अपनी मांगों को रखा और शिक्षण संस्थानों में अवस्था को दूर करने की मांग की. अब विरोध के इस नए तेवर को देखते हुए जिले के आला अधिकारी न सिर्फ स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे, बल्कि ग्राउंड जीरो की हकीकत जानने के लिए सीधे छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों से संवाद करेंगे.
जिलाधिकारी रविंद कुमार एम द्वारा स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर सही जानकारी जुटाने के लिए तीन सदस्य टीम गठित की गई है. टीम में खंड शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर और अभियंता को शामिल किया गया है. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों का विशेष फोकस छात्रों से बातचीत पर रहेगा और इसी बातचीत के आधार पर फीडबैक भेजा जाएगा. प्रशासन का मानना है कि छात्रों से संवाद स्थापित कर उन तमाम कमियों के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है, जो सामान्य निरीक्षण के दौरान सामने नहीं आ पाती है.
डीएम रवींद्र कुमार एम के मुताबिक, मिशन कायाकल्प के तहत गाजियाबाद के सरकारी स्कूलों में काफी कार्य हुआ है, लेकिन फिर भी अगर कहीं किसी प्रकार की कोई कमी रह गई है तो उसको ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद जिला प्रशासन द्वारा तीन सदस्य समिति का गठन किया गया है. टीमें अपने-अपने क्षेत्र के संबंधित विद्यालयों में जाकर वहां की तमाम व्यवस्थाओं को परखेंगे और छात्रों से बातचीत कर तमाम सुविधाओं के बारे में जानकारी लेंगे.
टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां पाई जाएगी उसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी और कमियों को दूर करने को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा. विधायक निधि, ग्राम पंचायत और क्रिटिकल गैप फंड के माध्यम से विद्यालयों में तमाम कमियों को दूर करने का काम किया जाएगा. वहीं, अभ्युदय कोचिंग सेंटर, कस्तूरबा गांधी विद्यालय और नवोदय विद्यालय के निरीक्षण के लिए मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में जिलाधिकारी द्वारा टीम का गठन किया गया है.



