
संवादददाता
देहरादून। बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर मचे बवाल के बीच पहली गिरफ्तारी हो गई है. पुलिस ने जांच के आधार पर आरोपी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल पुलिस नौटियाल से पूछताछ कर रही है. उत्तराखंड पुलिस ने बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के मामले में आरोपी प्रमोद नौटियाल को उनके आवास से गिरफ्तार किया.
चमोली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि चमोली पुलिस ने रविवार रात प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया और उन्हें बद्रीनाथ ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है.
पीए के पद पर तैनाती और ड्यूटी गिनती में…
आरोपी प्रमोद नौटियाल वर्तमान में समिति के अध्यक्ष के पीए के पद पर तैनात होने के बावजूद उनकी ड्यूटी मंदिर समिति द्वारा बदरीनाथ में प्रोटोकॉल एवं दान गणना में लगाई गई थी. 2 जुलाई को भैरव सेना द्वारा आरोप लगाए गए थे कि अध्यक्ष के पीए ने मंदिर में दान की गिनती के दौरान चोरी की है और यह पूरी घटना सीसीटीवी में दर्ज हुई है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष की संस्तुति के बाद मंदिर समिति के सीईओ ने 4 सदस्यीय विभागीय टीम का गठन किया. टीम ने 7 जुलाई को बदरीनाथ पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों का अवलोकन किया. जांच में प्रथम दृष्टया प्रमोद नौटियाल को आरोपी माना गया, जिसके बाद सीईओ ने 7 जुलाई को उन्हें निलंबित कर दिया.
फोन बंद कर लापता हो गया था नौटियाल
निलंबन के बाद रात लगभग साढ़े बारह बजे मंदिर समिति के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पासवान ने आरोपी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ बदरीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज करवाई. इसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई.
वहीं 8 जुलाई से प्रमोद नौटियाल बदरीनाथ से लापता हो गए और उन्होंने अपना फोन स्विच ऑफ कर दिया. इसी दौरान वे हाईकोर्ट भी गए और अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर तथा गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए आवेदन किया.
18 पन्नों की रिपोर्ट
4 सदस्यीय मंदिर समिति की विभागीय टीम ने 11 जुलाई को सीईओ कार्यालय में अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपी. 18 पन्नों की इस रिपोर्ट में आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को 2 जुलाई को एक से अधिक बार पैसों में हेराफेरी करते हुए पाया गया. साथ ही 29 जून को भी उन्हें पैसों जैसी कोई वस्तु ले जाते हुए देखा गया. वहीं सरकार द्वारा गठित कमिश्नर की अध्यक्षता वाली टीम भी मामले की जांच कर रही है.
नौटियाल पर मेहरबान रही मंदिर समिति
वर्ष 2014 में इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के रूप में स्थायी नियुक्ति पाने वाले ग्रेड पे 2800 के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल पर मंदिर समिति काफी मेहरबान रही है. इंटरनेट कोऑर्डिनेटर का एकल पद होने के बावजूद मंदिर समिति ने प्रमोद नौटियाल को आउट ऑफ वे जाकर पदोन्नति दी और वर्ष 2018 में उन्हें समिति अध्यक्ष का वैयक्तिक सहायक बना दिया. वर्तमान में उन्हें बदरीनाथ मंदिर में प्रोटोकॉल और थाली भेंट गणना की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी.
क्या बोला आरोपी?
कल देर रात प्रमोद नौटियाल को पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया और उन्हें बदरीनाथ थाने लाया गया, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है. हालांकि, जब वे पत्रकारों के सामने से गुजरे तो पत्रकारों ने उन पर लगे आरोपों के बारे में पूछा. इस पर नौटियाल ने कहा कि वे बेगुनाह हैं.



