
संवाददाता
गाजियाबाद । मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने आज प्रदेश के 12 लाख शिक्षकों को पांच लाख रुपए तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा की सौगात दी है। इसी कड़ी में गाजियाबाद के भी करीब पांच हजार परिषदीय व माध्यमिक स्कूल के शिक्षकों, अनुदेशकों को भी इस योजना का तोहफा मिला। इसको लेकर लोहिया नगर के हिन्दी भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, मुरादनगर विधायक अजीत पाल त्यागी, डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़ ने किया।
इसके उपरांत अतिथियों ने शिक्षकों सहित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी से जारी कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा। कार्यक्रम के दौरान गढ़ी कटैया, जीजीआईसी के छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर शिक्षा के महत्व का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री ने एक अभिभावक की तरह सोचते हुए प्रदेश के शिक्षकों को सबसे पहले कैशलेस चिकित्सा सेवा का लाभ प्रदान किया। शिक्षक का स्थान हमारे समाज में, हमारे सनातन में इतना महत्वपूर्ण है कि ब्रहमा, विष्णु-महेश को भी गुरू के समान माना गया है। शिक्षकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए, खुद को वेतनभोगी नहीं मानना चाहिए, क्योंकि माता-पिता से भी अधिक जिम्मेदारी बच्चों की शिक्षकों पर होती है तो देश का आने वाला भविष्य तय होता है।
डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़ ने कहा कि शिक्षकों के ऊपर बच्चों के चरित्र निर्माण की जिम्मेदारी होती है, अब यह जिम्मेदारी और भी अधिक बढ़ गई है। इसके उपरांत 20 शिक्षकों को प्रतीकात्मक रूप से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रमाणपत्र अतिथियों द्वारा वितरित किए गए। इस योजना में नियमित शिक्षकों के साथ शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोईया और कस्तूरबा गांधी विद्यालय के कार्मिकों को भी शामिल किया गया है।
कार्यक्रम का संचालन डायट प्रवक्ता पवन कुमार भाटी ने किया। इस अवसर पर शहर विधायक संजीव शर्मा, सीडीओ कुमार सौरभ, सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चंद्र त्रिपाठी, डीआईओएस बुद्घप्रिय सिंह, बीएसए ओपी यादव, डीसी टिंकू कंसल, डीसी राकेश सिंह, शिक्षक नेता अनुज त्यागी आदि मौजूद रहे।



