
संवाददाता
पटना। बिहार सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को जेड कैटेगरी की सुरक्षा दी है। इससे पहले उनकी सुरक्षा कम कर दी गई थी। उन्हें बुलेटप्रूफ कारें भी दी गई हैं। राज्य सरकार द्वारा समीक्षा के बाद इस जोड़े की जेड+ सुरक्षा काफी कम कर दी गई थी। इस फैसले से ज़बरदस्त राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। सांकेतिक विरोध दर्ज कराने के लिए, उन्होंने उन सरकारी सुरक्षाकर्मियों को वापस कर दिया था जो उनकी सुरक्षा के लिए तैनात किए गए थे।
RJD ने आरोप लगाया था कि सुरक्षा में कटौती का मकसद विपक्षी नेताओं को निशाना बनाना था। पार्टी का दावा था कि बिहार में NDA सरकार, विपक्षी नेताओं की सुरक्षा कम करके उनके कद को घटाना चाहती थी। बाद में बिहार सरकार ने कहा कि ये बदलाव खतरे के आकलन के आधार पर की गई नियमित समीक्षा का हिस्सा थे। इस कदम के विरोध में लालू यादव के छोटे बेटे, पूर्व डिप्टी CM और बिहार विधानसभा में विपक्ष के मौजूदा नेता तेजस्वी यादव ने भी सरकार से मिली सुरक्षा लौटा दी थी। हालांकि, अधिकारियों ने साफ़ किया कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया था।
लालू यादव और राबड़ी देवी को जेड कैटेगरी की सुरक्षा देने का बिहार सरकार का फ़ैसला ऐसे समय में आया है जब यह जोड़ा एक निजी घर में रहने जा रहा है। गुरुवार को राबड़ी देवी पटना में 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को छोड़कर अपने घर चली गईं। यह बंगला लगभग दो दशकों तक उनका आवास और RJD का कैंप ऑफिस रहा था।
वह पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर इस घर में रह रही थीं। राबड़ी देवी से पिछले साल नवंबर में ही इसे खाली करने के लिए कहा गया था, जब राज्य सरकार में नए मंत्रियों को जगह देने की प्रक्रिया के तहत उन्हें एक नया सरकारी आवास आवंटित किया गया था। उस समय अधिकारियों ने कहा था कि बिहार विधान परिषद में विपक्ष की नेता होने के नाते वह एक अलग श्रेणी के आवास की हकदार थीं।



